मुजफ्फरपुर कांड में नीतीश का 'झूठ' हुआ उजागर, सोशल ऑडिट का विरोध करती रही हैं बिहार सरकार

मुजफ्फरपुर कांड में नीतीश का 'झूठ' हुआ उजागर, सोशल ऑडिट का विरोध करती रही हैं बिहार सरकार

By: Roshan Kumar Jha
August 10, 06:48
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PATNA : मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड के उजागर होने के बाद उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में भी इस तरह के मामले उजागर हो रहे हैं। वैसे इस मामले ने पूरे देश में बिहार को शर्मसार करके रख दिया है। देर से ही सही लेकिन अब सीबीआई द्वारा इस मामले की जांच करवाई जा रही है। नए नए मामले रोज उजागर हो रहे हैं। कभी विभाग की गलती सामने आ रही है तो कभी बिहार सरकार के झूठ पर से पर्दा उठ रहा है। इस मामले में एक नई बात सामने आई है। इस सच के सामने आने के बाद नीतीश सरकार के उस झूठ का पोल खुल गया है जिसमे नीतीश कुमार ने कहा कि था कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले में खुद बिहार सरकार ने सोशल ऑडिट कर सच को सामने लाने का काम किया है।

ताजा अपडेट के अनुसार बिहार और उत्तर प्रदेश की सरकारें राष्ट्रीय बाल अधिकार सुरक्षा आयोग (एनसीपीसीआर) से अपने यहां के 316 बालिका गृहों के सोशल ऑडिट का विरोध करती रही हैं। इन बाल गृहों में 7000 से अधिक बच्चे रहते हैं। राष्ट्रीय बाल अधिकार सुरक्षा आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि बिहार और उत्तर प्रदेश के अलावा हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, केरल, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और दिल्ली जैसे राज्य भी बाल गृहों के सोशल ऑडिट से बचते रहे हैं।

यह ब्योरे तब सामने आए जब बिहार और उत्तर प्रदेश में बच्चियों के दुष्कर्म और यौन शोषण की भयावह खबरें सामने आईं। अधिकारी ने बताया कि एनसीपीसीआर ने सुप्रीम कोर्ट को सोशल ऑडिट से बचने वाले राज्यों के बारे में बताया है। विगत 11 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने भी माना था कि यह राज्य कुछ तो जरूर छिपा रहे हैं। इन आठ राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में करीब 2211 बाल गृह हैं। इनमें कुल 43,437 बच्चे रहते हैं।

बालिका गृह कांड में बड़ा खुलासा, नौ बार मुजफ्फरपुर गए थे मंजू वर्मा के पति, फाेन पर होती थी बात : मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड में रोज नए नए मामले सामने आ रहे है। जैसे जैसे मामला उजागर हो रहा है वैसे-वैसे बिहार की राजनीति में भी परिवर्तन दिख रहा है। कॉल डिटेल्स आने के बाद मंजू वर्मा ने इस्तीफा तो दे दिया लेकिन उन्होंने पत्रकार वार्ता में साफ कहा कि मैं डंके की चोट पर कहता हूं कि मेरा पति निर्दोष है। इस बीच एक नई बात सामने आई है जो मंजू वर्मा के पति चंदेश्वर को कटघरे में लाती है।

ताजा अपडेट के अनुसार पूर्व समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा चाहे जो भी दलीलें दें, लेकिन उनके पति चंदेश्वर वर्मा के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि उन्होंने इस साल जनवरी से लेकर मई के बीच एक-दो बार नहीं बल्कि कुल नौ बार मुजफ्फरपुर की यात्र की थी। अब यह पता लगाया जाएगा कि उनका वहां जाने का मकसद क्या है। दरसअल, विगत जनवरी से मई के बीच ब्रजेश ठाकुर से कुल 17 बार फोन पर बातचीत की थी। जब सीबीआइ ने चंद्रेश्वर वर्मा के सीडीआर की जांच की तो टावर लोकेशन के माध्यम से यह भी पता चला कि वह पांच महीनों में नौ बार मुजफ्फरपुर गए थे। उल्लेखनीय है कि मुजफ्फरपुर न तो मंजू वर्मा का गृह जिला है और न ही उनके पति का। ऐसे में यह भी साफ हो गया है कि चंद्रेश्वर वर्मा जब भी मुजफ्फरपुर गए, वहां कुछ घंटे रुके। सीबीआइ यह भी पता लगाने में जुटी है कि पूर्व मंत्री के पति वर्मा के साथ उस समय ब्रजेश ठाकुर भी उनके साथ मौजूद था या नहीं।

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