मोबाइल एप की मदद से जेनरल टिकट लेना हुआ आसान, रेल यात्रा के दौरान इलाज करना हुआ मंहगा

मोबाइल एप की मदद से जेनरल टिकट लेना हुआ आसान, रेल यात्रा के दौरान इलाज करना हुआ मंहगा

By: Roshan Kumar Jha
July 11, 12:07
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PATNA : जनरल डिब्बे में बैठकर सफर करने वाले रेल यात्रियों को अब टिकट कटाने में अधिक परेशानी नहीं होगी। बताया जा रहा है कि अब  मोबाइल से ही ऑनलाइन बैठे-बैठे टिकट कटाया जा सकेगा। जिस तरह से रेल यात्री मोबाइल एप की मदद से रिजर्वेशन टिकट कटाते हैं  उसी तरह से अब जेनरल टिकट भी कटाया जा सकेगा।

दैनिक रेल यात्रियों के लिए अनारक्षित टिकट खरीदना और आसान हो जाएगा। इसके लिए अनारक्षित टिकट बुकिंग (यूटीएस)
के मोबाइल एप से गैर-जरूरी फीचर हटाए जा रहे हैं, ताकि टिकट बुकिंग में परेशानी न हो।

जानकारी अनुसार रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र (क्रिस) और आईआरसीटीसी के अधिकारियों की पिछले माह हुई बैठक में यह फैसला लिया गया कि यूटीएस मोबाइल एप को आम जनता के लिए उपयोगी बनाया जाय। एक अधिकारी की मानें तो रोज दो करोड़ से अधिक दैनिक यात्री भारतीय रेल में सफर करते हैं। लेकिन मोबाइल एप से वर्तमान समय में महज 17 हजार टिकट बुक हो रहे हैं। बोर्ड सुझाव देते हुए यह भी कहा है कि यूटीएस एप पर एक बार में चार टिकट कि बुकिंग अभी हो रही है इस बढ़ाकर छह किया जाएगा।

सफर के दौरान इलाज करना हुआ मंहगा
एक ओर रेलवे जहां यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर नई-नई सेवाएं दे रही है तो दूसरी ओर सेवा शुल्क में बढ़ोत्तरी कर यात्रियों से अधिक पैसे वसूलने की तैयारी करती नजर आ रही है। जानकारी अनुसार रेल यात्री सफर के दौरान डॉक्टर की सहायता मांगने पर अब 100 रुपये परामर्श शुल्क के रूप में देने होंगे। हालांकि रेल हादसे में घायलों के इलाज के लिए मुफ्त में चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। रेलवे बोर्ड ने मंगलवार को जारी एक आदेश में कहा कि यदि ट्विटर पर भी डॉक्टर की सहायता मांगी जाएगी तो भी यात्री को उक्त शुल्क देना होगा। अभी तक परामर्श शुल्क 20 रुपये था।

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