बालिका गृह कांड में बड़ा खुलासा, नौ बार मुजफ्फरपुर गए थे मंजू वर्मा के पति, फाेन पर होती थी बात

बालिका गृह कांड में बड़ा खुलासा, नौ बार मुजफ्फरपुर गए थे मंजू वर्मा के पति, फाेन पर होती थी बात

By: Roshan Kumar Jha
August 10, 05:27
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PATNA : मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड में रोज नए नए मामले सामने आ रहे है। जैसे जैसे मामला उजागर हो रहा है वैसे-वैसे बिहार की राजनीति में भी परिवर्तन दिख रहा है। कॉल डिटेल्स आने के बाद मंजू वर्मा ने इस्तीफा तो दे दिया लेकिन उन्होंने पत्रकार वार्ता में साफ कहा कि मैं डंके की चोट पर कहता हूं कि मेरा पति निर्दोष है। इस बीच एक नई बात सामने आई है जो मंजू वर्मा के पति चंदेश्वर को कटघरे में लाती है।

ताजा अपडेट के अनुसार पूर्व समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा चाहे जो भी दलीलें दें, लेकिन उनके पति चंदेश्वर वर्मा के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि उन्होंने इस साल जनवरी से लेकर मई के बीच एक-दो बार नहीं बल्कि कुल नौ बार मुजफ्फरपुर की यात्र की थी। अब यह पता लगाया जाएगा कि उनका वहां जाने का मकसद क्या है। दरसअल, विगत जनवरी से मई के बीच ब्रजेश ठाकुर से कुल 17 बार फोन पर बातचीत की थी। जब सीबीआइ ने चंद्रेश्वर वर्मा के सीडीआर की जांच की तो टावर लोकेशन के माध्यम से यह भी पता चला कि वह पांच महीनों में नौ बार मुजफ्फरपुर गए थे। उल्लेखनीय है कि मुजफ्फरपुर न तो मंजू वर्मा का गृह जिला है और न ही उनके पति का। ऐसे में यह भी साफ हो गया है कि चंद्रेश्वर वर्मा जब भी मुजफ्फरपुर गए, वहां कुछ घंटे रुके। सीबीआइ यह भी पता लगाने में जुटी है कि पूर्व मंत्री के पति वर्मा के साथ उस समय ब्रजेश ठाकुर भी उनके साथ मौजूद था या नहीं।

कभी ब्यूटी पार्लर चलाती थी मंजू वर्मा, पंचायत चुनाव हारने वाली नेता को नीतीश ने बनाया मंत्री : मुजफ्फरपुर कांड ने पूरे देश में बिहार को शर्मसार किया है। इस मामले में जहां एक ओर ब्रजेश ठाकुर ओर उसकी हमराज मधु कुमारी का मुख्य रोल रहा है। वहीं पूर्व मंत्री मंजू वर्मा के पति पर आरोप लगने के बाद बिहार सरकार पर कई गंभीर आरोप लग रहे हैं। हाई वोल्टेज ड्रामा में नया मोड़ तब आता है जब अचानक मंत्री मंजू वर्मा इस्तीफा देने को राजी हो जाती है। जानकारों की माने तो जिस मंत्री मंजू वर्मा ने पहले इस्तीफा देने से इंकार कर दिया। जिसके समर्थन में सीएम नीतीश को सामने आना पड़ा। आखिर उस मंजू वर्मा के इस्तीफे के पीछे कुछ न कुछ राज अवश्य है।

मंजू वर्मा का बहुत लंबा राजनीतिक सफर नहीं रहा है। वह पंचायत चुनाव में हार चुकी है। कभी ब्यूटी पार्लर चलाया करती थी। जानकारों की माने तो बिहार की समाज कल्याण मंत्री रहीं 49 वर्ष की मंजू वर्मा कभी अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के लिए पटना आ गयी थीं और यहीं ब्यूटी पार्लर चलाया करती थीं। राजनीति उनको ससुराल की विरासत में मिली। मंजू वर्मा के ससुर सुखेदव महतो 1980 से 1985 चेरिया बरियारपुर विधानसभा से सीपीआई के विधायक थे। 1985 में टिकट कट जाने के बाद नाराज होकर उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा, लेकिन वो चुनाव हार गए।

मंजू वर्मा की राजनीति की शुरुआत अच्छी नहीं रही सबसे पहले मंजू वर्मा ने 2006 में अपने गांव श्रीपुर पंचायत से पंचायत समिति का चुनाव लड़ा और हार गई। लेकिन उसके बाद 2010 में किस्मत तो कुछ ऐसा साथ दिया उन्हें चेरिया बरियारपुर से जेडीयू का टिकट मिल गया और नीतीश कुमार की लहर में उनके सितारे चमक उठे। उसके बाद मंजू वर्मा पहली बार विधानसभा की सदस्य बनीं। फिर 2015 में उन्हें महागठबंधन का फायदा मिला और वो फिर जेडीयू के टिकट पर से चुनाव जीत गईं। नवंबर 2015 में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी महागठबंधन की सरकार में वो समाज कल्याण मंत्री बनीं और तब से अबतक गठबंधन बदला लेकिन विभाग मंजू वर्मा के पास ही रहा।

इस्तीफे के बाद बोली मंजू वर्मा- तेजस्वी यादव की हायतौबा मचाने के कारण छोड़ना पड़ा मंत्री पद : मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले में नाम आने के बाद लगातार विपक्ष द्वारा इस्तीफे की मांग से परेशान मंजू वर्मा ने अखिरकार अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्हें इस्तीफा देने के पीछे तेजस्वी यादव को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा कि मीडिया में मेरे खिलाफ महौला बनाया जा रहा था। तेजस्वी यादव यादव लगातार उनका इस्तीफा मांग रहे थे। इस वजह से वह ठीक से काम नहीं कर पा रही थी। यही कारण है कि उन्हें मंत्री पद छोड़ना पड़ा।

 

 

 

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