मासूम बच्चों की मौ’त पर भ’ड़के प्रेमचंद्र मिश्रा, कहा- क्या सरकार को त्योहार लगता है दिमागी बुखार

PATNA: उत्तरी बिहार में प्रत्येक वर्ष गर्मियों में चमकी बुखार (AES) की बीमारी के चलते मासूम बच्चों की मौ’त हो जाती है। वहीँ इस वर्ष भी इस बीमारी ने मुजफ्फरपुर जिले में अपना आ’तंक मचा रखा है। एक हफ्ते के भीतर दि’मागी बुखार से 36 मासूम बच्चों की मौ’त हो चुकी है। वहीँ इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। नीतीश सरकार के नेता भी इस पर सफाई देते नजर आ रहे हैं।

AES के कहर पर कांग्रेस नेता प्रेमचंद्र मिश्रा ने नीतीश कुमार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि आखिरकार नीतीश सरकार इस बड़ी समस्या पर कर क्या रही है? नीतीश कुमार अपने आपको संवेदनशील मुख्यमंत्री कहते हैं फिर भी इतनी बड़ी घटना में अभी तक कोई बड़ा एक्शन नहीं लिए हैं। अगर मुजफ्फरपुर में प्रत्येक वर्ष इस बीमारी के चलते बच्चों की मौ’त होती है तो क्या सरकार इसे त्योहार के रूप में मानती है। ये त्योहार है और हर साल आना है। इस बीमारी के रोकथाम के उपाय अबतक क्यों नहीं हुए हैं। ये नीतीश सरकार की विफलता है।

वहीँ इस मामले पर जेडीयू के वरिष्ठ प्रवक्ता संजय सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बच्चों की मौ’त पर किसी तरह की कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। मासूम बच्चों की मौ’त से हम भी दुखी हैं। अब किसी मासूम की मौ’त न हो इसका ख्याल रखा जा रहा है। सीएम नीतीश कुमार न्याय के साथ विकास के मार्ग पर चलते हैं और हमारे लिए ये बड़ी समस्या चुनौती है। बिहार ने सभी चुनौतियों का सामना किया है और परिणाम भी दिया है।

चमकी बुखार से ऐसे करें बचाव:

अभिभावक सतर्क रहें और अपने बच्चों को बगीचे में गिरे जूठे फल को न खाने दें, सूअर विचरण वाले स्थानों पर न जाने दे, बच्चों को खाना खाने से पहले साबुन से हाथ धुलाएं, पीने के पानी में कभी हाथ न डालें, नियमित रूप से बच्चों के नाखून काटे, गंदगी व जलजमाव वाले जगहों से दूर रखें, बाल्टी में रखे गये पीने के पानी को हैंडिल लगे मग से निकालें।