फ्लॉप साबित हुई The Accidental Prime Minister, समीक्षकों ने नकारा, रैंकिंग बेहद खराब

PATNA : The Accidental Prime Minister बिना किसी विवाद के रिलीज हो चुकी है। समीक्षकों के अनुसार फिल्म पुरी तरह से फ्लाप साबित हो रही है। विभिन्न मीडिया संस्थान ने अपने अपने रिव्यू मेुं इस फिल्म को नकार दिया है। अनुपम खेर के एक्टिंग को भी कुछ समीक्षकों ने फिल्म में कहीं कहीं उबाउ और बोरिंग बताया है।

फ़िल्म The Accidental Prime Minister का सबसे बढ़िया रिव्यू The Desh Bhakt आकाश बनर्जी ने किया है। आकाश ने फ़िल्म को नकारात्मक रेटिंग दिया है। इस फ़िल्म पर रेटिंग कर्ज़ा हो गया है। The Indian Express वाली कड़क समीक्षक Shubhra Gupta ने इस फ़िल्म को कोई रेटिंग नहीं दिया। उसने नो स्टार लिखा है। Times Of India के Raunak Kotecha ने साढ़े तीन स्टार दिए है। समीर जैन का वह बयान याद कीजिये जिसमें उन्होंने कहा था कि हम अपना… दे सकते है! NDTV के सैबल चैटर्जी ने डेढ़ स्टार दिए है। डेढ़ स्टार देना ही पड़ेगा। अभी NDTV पर आर्थिक धोखाधड़ी का मामला चल रहा है। Hindutan Times के राजा सेन ने इस फ़िल्म को एक स्टार दिया है। Hindustan Times का खुशवंती इतिहास है। बाकी अब हम क्या कहे। यदि आप सच्चे हिन्दू और सच्चे भारतीय है तो इस फ़िल्म को देखे फ़िल्म की आत्मा के लिए थाईलैंड से नोबेल पुरस्कार दिलवाए।

ल्म की कहानी 2004 में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व में यूपीए को मिली जीत से शुरू होती है जिसके बाद मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बनते हैं। इसके बाद जर्नलिस्ट संजय बारू की एंट्री होती है और वो मनमोहन सिह के मीडिया एडवाइजर बन जाते हैं। जिसके बाद 2जी, कोयला घोटाला, 2009 के चुनाव में राहुल गांधी को पार्टी का चेहरा बनाना जैसे कई मुद्दे आते हैं। बता दें कि ये फिल्म बायोपिक नहीं है। इसमें किताब में दर्ज तमाम छोटी-बड़ी राजनीतिक घटनाओं का सिनेमाई रूपान्तरण है। यहां कहानी के लिए रियल विजुअल्स का दिल खोलकर इस्तेमाल किया गया है। इसमें दिलचस्प बात ये है कि अक्षय खन्ना नरेटर के रूप में समझाते रहते हैं जिससे घटनाएं अच्छे से समझ आती है।

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