भारतीय राजनीति में नासमझ हैं प्रशांत किशोर : राकेश सिन्हा

PATNA: राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा ने जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रशांत किशोर राजनीति को बाजार की तरह देखते हैं| बाजार में मांग और पूर्ति की समस्या जहां भी होती है, वहां प्रशांत किशोर नजर आते हैं |प्रशांत किशोर को राजनीति की समझ नहीं है इसीलिए वो ममता बनर्जी के साथ काम करना चाहते है | ममता बनर्जी चाहें जो कर लें पर आगामी विधानसभा चुनावों में उनकी हार  सुनिश्चित है|

संघ के विचारक तथा राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत राज्यसभा सांसद  राकेश सिन्हा ने कहा कि कोई व्यक्ति किसी पार्टी का पदाधिकारी होते हुए पार्टी की सीमाओं से बाहर जाकर काम नहीं कर  सकता है |  इससे पहले  प्रशांत किशोर और ममता के बीच लगभग दो घंटे की लंबी राजनीतिक बातचीत हुई थी । जिसके बाद यह हलचल तेज हो गयी थी कि प्रशांत किशोर पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ममता की जीत के लिए राजनीतिक रणनीति बना सकते हैं। ऐसे में सवाल उठने लगा है कि क्या PK जदयू में रहते हुए, बंगाल में भारतीय जनता पार्टी को हराने के लिए रणनीति बनायेंगे?

इससे पहले भी प्रशांत, आंध-प्रदेश की राजनीतिक पार्टी YSR के साथ व्यावसायिक काम कर चुके  हैं। इसके अतिरिक्त वह 2014 के लोकसभा चुनावों में भाजपा के रणनीतिकार रह चुके हैं |  2015 में बिहार विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर ने जदयू के लिए काम किया था लेकिन पिछले साल 16 सितम्बर 2018 को वे जदयू में शामिल हो गए थे | अब वह जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं | इसी लिए उनके इस कदम की आलोचना ही रही है |

राकेश सिन्हा के बारे में विस्तार से जानें-

Rakesh Sinha
राकेश सिन्हा को राष्ट्रपति द्वारा जून 2018 में राज्यसभा के लिए नामित किया गया था। जिसके एक महीने बाद उन्होंने बीजेपी में शामिल होने की घोषणा कर दी थी। राकेश सिन्हा मूल रूप से बिहार के बेगूसराय जिले के रहने वाले हैं। सिन्हा टीवी चैनल्स की डिबेट शो में आरएसएस का पक्ष रखते नजर आते हैं। सिन्हा फिलहाल दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफेसर और भारतीय सामाजिक विज्ञान शोध संस्थान के सदस्य हैं। राकेश सिन्हा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक हेडगेवार की जीवनी समेत कई किताबें लिखी हैं।