रामचंद्र पासवान का दलित सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर सांसद तक का सफर

PATNA: लोक जनशक्ति पार्टी के सुप्रीमो और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के भाई और समस्तीपुर से सांसद रामचंद्र पासवान का सोमवार 21 जुलाई को दिल्ली में निधन हो गया। सांसद रामचंद्र पासवान राममनोहर लोहिया अस्‍पताल में भर्ती थे। उन्हें 12 जुलाई को दिल का दौरा पड़ा था।

चार बार लोकसभा सांसद रहे रामचंद्र पासवान लोक जनशक्ति पार्टी के नेता और सांसद होने के साथ दलित सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी थे। इस साल उन्होंने चौथी बार लोकसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली थी। स्वाभाव से शांत रहने वाले रामचंद्र पासवान का जन्म 1 जनवरी 1962 को खगड़िया जिले के शहरबन्नी गांव में एक दलित परिवार में हुआ था। पत्नी सुनैना देवी से तीन संतान हैं जिसमें दो बेटे और एक बेटी है।

रामचंद्र पासवान ने 1998 में खगड़िया को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष पद के चुनाव में जीत हासिल करने के बाद अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। रामचंद्र पासवान परिसीमन से पहले समस्तीपुर जिला के रोसड़ा से वर्ष 1999 में पहली बार सांसद चुने गए। इसके बाद वर्ष 2004 में उन्होंने दोबारा शानदार जीत हासिल की। वहीँ वर्ष 2009 में उन्हें हर का भी सामना करना पड़ा।

साल 2014 के आम चुनाव में समस्तीपुर लोकसभा सीट से रामचंद्र पासवान चुनावी मैदान में उतरे और जीत दर्ज की। इसी के साथ ही 2019 के संसदीय चुनाव में समस्तीपुर लोकसभा सीट से एक बार पुनः जीत दर्ज कर संसद पहुंचे।

रामचंद्र पासवान के निधन पर बार के सभी दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ केसी त्यागी, संजय झा, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती सहित अन्य नेताओं ने उनकी मौत पर शोक व्यक्त किया है।