साठ साल बाद अपने गुरु से मिलकर भावुक हुए केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान

PATNA : आज अपने गुरु से मिलकर रामविलास पासवान भावुक हो गए। उनकी ये मुलाकात लगभग साठ साल बाद हुई है। पासवान अपने गुरु से मिलने के लिए खास तौर पर दिल्ली से पटना गए थे। उन्होंने अपने गुरु के पास बैठकर कई पुरानें बातें की और गुरुजी को भी शॉल भेंट की। रामविलास पासवान के गुरु का नाम कन्हैया लाल है। अपने गुरु से मिलकर पासवान ने उन्हें पचास हज़ार रुपये देकर उनकी आर्थिक मदद भी की।

रामविलास पासवान ने बताया कि उनके फुफेरे भाई ने उन्हें गुरु कन्हैया लाल जी का नंबर दिया। उन्होंने कहा कि जैसे ही मुझे उनके बारे में पूरी जानकारी मिली मैं तुरंत उनसे मिलने पहुंच गया। वह दिल्ली से सीधे पटना सिटी पहुंचे थे। अपने गुरु जी से मिलने के बाद रामविलास पासवान काफी भावुक दिखे क्योंकि उन्हें पता भी नहीं था उनके बचपन के गुरु अब तक जीवित हैं और वो बहुत गरीबी में जीवनयापन कर रहे हैं।

आपको बता दें कि पासवान ने गुरु कन्‍हैया लाल से चौथी कक्षा तक शिक्षा की प्राप्त की थी। उनसे पढ़ने के लिए पासवान रोज नदी पारकर स्कूल जाते थे। कन्हैया लाल बिहार के समस्तीपुर जिले के नरहर के निवासी हैं। रामविलास ने बताया कि गुरु कन्हैया प्रसाद ने ही 1954 में उनकी ‘खल्ली छुआई’ की रस्म को पूरा किया था। बचपन के गुरु से मिलकर भावुक हो गए रामविलास पासवान ने उनके बेटे को नौकरी नहीं दिला पाने पर अफसोस भी जताया। उन्‍होंने कहा कि 60 साल बाद अपने गुरूजी से बात करके उन्‍हें बहुत खुशी हुई है।