पाकिस्तान के साथ आ’तंक और बातचीत एकसाथ नहीं चल सकती-RCP Singh, महागठबंधन पर भी भड़के

PATNA: जदयू के राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह ने कहा है कि अगर पाकिस्तान, भारत के साथ बातचीत करना चाहता है तो पहले आ’तंकवाद और आंत’कवादी को अपने घरों में पालना बंद करना होगा क्योंकि आं’तक और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकता। आपको बता दें कि हाल ही में पाकिस्तान ने लगातार दो बार भारत को पत्र लिखकर बातचीत करने के लिए आमंत्रित किया है। 

उन्होंने कहा कि दो देशों की बीच के विवा’दों को हमेशा बातचीत से हल किया जाना चाहिए। इसके लिए दोनों देशों के बीच संवाद होना बहुत जरुरी है, लेकिन इस बात पर भी गौर करना चाहिए वे किन परिस्थितियों में बातचीत करना चाहते हैं। एक तरफ पाकिस्तान, भारत से बातचीत करना चाहता है। वहीं दूसरी तरफ पीछे-पीछे आंत’कवादी को भेजता है तो ऐसे में बातचीत नहीं होगी। आ’तंक और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकता है।

अगर पाकिस्तान सच में भारत के साथ बातचीत करने के लिए तैयार है तो पहले अच्छा माहौल बनाये। अच्छा माहौल तभी बनेगा, जब पाकिस्तान आं’तक और आंत’कवादी को पनाह देना छोड़ देगा। इतना ही नहीं, पाकिस्तान को सभी आतं’कवादियों को तुरंत जे’ल में बंद करके आपसी भाई-चारे का परिचय देना चाहिए। इसके बाद अगर वो भारत के साथ बातचीत करने के लिए पहल करेगा तो भारत भी छोटा भाई मानते हुए, ना सिर्फ बात करेगा बल्कि उसकी हरसंभव सहायता भी करेगा। भारत और पाकिस्तान दोनों देश की प्रमुख समस्या पिछड़ेपन की है, इसलिए ल’ड़ाई आपस में नहीं बल्कि गरीबी के खि’लाफ होनी चाहिए।

बिहार में एनडीए के गठबंधन क्या बोले सिंह-

RCP SINGH

सिंह ने कहा कि लोकसभा चुनाव 2019 के पहले यह गठबंधन जितना मजबूत था, उससे ज्यादा मजबूत अब है। इसका कारण पूरा देश जानता है कि बिहार के कुल 40 लोकसभा सीटों में से एनडीए ने 39 पर शानदार जीत हासिल की है, लेकिन विपक्ष के पास काम नहीं है तो तरह-तरह की बकैती करते रहती हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने दावा किया कि बिहार में 2020 में होने वाले विधानसभा चुनाव में एनडीए कुल 243 सीटों में से 223 पर जीत हासिल करेगी।

उन्होंने कहा कि हमलोग का उद्देश्य यह है कि बिहार विकास करे और भारत भी दुनिया का नंबर-1 राष्ट्र बने। दोनों काम एकसाथ तभी होगा, जब राज्य और केन्द्र में एक ही सरकार होगी। जो जीरो पर आउट हो गया, जिनकी जा’तिवाद की दूकानें बंद हो गयी, वही एनडीए को टक्कर देने चला है। उनका कोई भी मंसूबा पूरा नहीं होगा। एनडीए का गठबंधन इतना मजबूत है कि इसी चुनाव में नहीं बल्कि आगामी चुनाव में भी बिहार में एनडीए का गठबंधन बरकरार रहेगा।