कंप्यूटर शिक्षकों को लेकर शिक्षा मंत्री का बड़ा बयान, कहा कोर्ट के फैसले के बाद नियमित बहाली

PATNA : बिहार में कम्प्यूटर शिक्षकों के प्रदर्शन को लेकर कोई न कोई ख़बर सामने आ जाती हैं। इस बार बिहार के शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने शिक्षकों कोई नियमित बहाली को लेकर बयान दिया है। शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने कहा है कि सर्वोच्चय न्यायालय में समान काम, समान वेतन का मामले में फैसला आने वाला है। इसके पूर्व कंप्यूटर शिक्षकों की नियमित नियुक्ति नहीं हो सकती है।

विधानसभा में बजट के दौरान केदारनाथ पांडेय द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री ने कहा कि हाइस्कूलों में एक हजार कंप्यूटर शिक्षकों की बहाली की प्रक्रिया चल रही थी। ये मामला कोर्ट रहने के कारण प्रक्रियाधीन है। उन्होंने कहा कि कोर्ट का फैसला आने पर नियमित बहाली की प्रक्रिया होगी। जो संविदा पर पूर्व से बहाल थे और उनका संविदा खत्म हो गया है, उनको भी दोबारा रखने की व्यवस्था की जायेगी।

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वहीँ शिक्षा मंत्री ने मैथिली भाषा की पढ़ाई को लेकर कहा कि मैथिलि भाषा की पढ़ाई पर विचार किया जाएगा। शिक्षा मंत्री कृष्ण ने कहा कि मैथिली भाषा की पढ़ाई प्राथमिक विद्यालयों से शुरू करने को लेकर विचार किया जायेगा। राज्य सरकार भी मैथिली भाषा का विकास चाहती है। इसी के साथ शिक्षा मंत्री ने राजेश राम के सवाल के जवाब कहा कि राज्य सरकार ने दोपहर के भोजन योजना के तहत नियुक्त रसोइया सहायकों के मानदेय में 250 रुपये की बढ़ोतरी की है। यह केंद्र प्रायोजन योजना है।

उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी ने विधान परिषद में बिहार विनियोग लेखानुदान विधेयक 2019 को पेश किया। जिसे ध्वनि मत से सदन ने पारित कर दिया। इस दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि बजट में सभी वर्ग के विकास के लिए पैसे का प्रावधान किया गया है। वहीँ इस दौरान केदारनाथ पांडेय ने नियोजित शिक्षकों को समय पर वेतन का भुगतान नहीं मिलने का मुद्दा उठाया था। जिसका जवाब शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने दिया।