राजद को सदस्यता अभियान के माध्यम से मिले पौने पांच करोड़ रुपये, बिहार में बने 80 लाख सदस्य

PATNA : बिहार समेत पूरे देश में राजद का सदस्यता अभियान चल रहा है। सदस्यता अभियान के दौरान अब तक बिहार में करीब 80 लाख और दूसरे प्रदेशों से करीब 15 लाख लोग राजद के सदस्य बने हैं। पांच रुपये प्रति सदस्य के हिसाब से सदस्यता शुल्क मद में राजद के खाते में पौने पांच करोड़ रुपये आ चुके हैं।

आपको बता दें कि विधायकों की संख्या के हिसाब से राजद राज्य की सबसे बड़ी पार्टी है। राजद के इस समय विधानसभा में 79 विधायक हैं। इसके अलावा 8 विधानपार्षद और 4 राज्यसभा सांसद हैं। 2019 के लोकसभा चुनावों में पार्टी का खाता भी नहीं खुल सका था।

आपको बता दें कि राजद की वेबसाइट पर चंदे के पैसे की कोई जानकारी नहीं दी गई है। एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉम्स (एडीआर) के बिहार प्रमुख राजीव कुमार के मुताबिक राजनीति दल चंदे के पैसे को सार्वजनिक करने से बचते हैं, जबकि हकीकत यह है कि पिछले दो वर्षों में राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे में 150 परसेंट से ज्यादा की वृद्धि हुई है। इससे पहले आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के करीबी और तेज प्रताप यादव के ससुर ने पार्टी के सदस्यता अभियान से दूरी बना की है। इसी के साथ ही पार्टी के अन्य तीन विधायकों ने भी इस अभियान का बहिष्कार किया है।

आरजेडी ने पार्टी के विधायकों को 1200 सक्रिय सदस्य बनाने का लक्ष्य दिया। लेकिन इस लक्ष्य को को चन्द्रिका राय ने पूरा नहीं किया। अगले साल बिहार विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में पार्टी सदस्यता अभियान के जरिए जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के इरादे से उतर रही है। गौरतलब है कि आरजेडी ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पहले ही ये एलान कर दिया है 2020 में राज्य का विधानसभा चुनाव पार्टी तेजस्वी यादव के नेतृत्व में लड़ेगी।