बिहार के इस मंदिर में देवता के रूप में विराजमान हैं सचिन तेंदुलकर

PATNA : अभी तक आप सभी बिहारवासी बिहार के मंदिरों में देवी-देवताओं को पूजते रहें हैं लेकिन कभी आपने सोचा है कि बिहार में एक ऐसा मंदिर भी है जहां देवी-देवता विराजमान नहीं हैं बल्कि क्रिकेट के भगवान और विश्व के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर(SACHIN TENDULKAR) देवता के रूप में विराजमान हैं। यहां सचिन(SACHIN) किसी आम इंसान या क्रिकेटर की तरह नहीं बल्कि देवता और भगवान के रूप में पूजे जाते हैं। अब आप सोंच रहें होंगे कि इस तरह का अनोखा मंदिर कहां है, जी हां यह कहीं और नहीं बल्कि बिहार के कैमूर जिले के अटरवालिया नामक जगह पर स्थित है। 

सबसे खास बात यह है कि  इस मंदिर का निर्माण भारतीय टीम या बिहार सरकार या केन्द्र सरकार द्वारा नहीं की गई है बल्कि केैमूर जिले के उन क्रिकेट प्रेमियों द्वारा की गई है जो सचिन को क्रिकेट के भगवान के साथ-साथ देवता भी मानते हैं । इस मंदिर का उद्धाटन 2013 में सचिन के संयास लेने के बाद कैमूर के तात्कालिन जिला अधिकारी अरविंद कुमार सिंह(ARVIND KUMAR SINGH)  और वर्तमान बीजेपी सांसद मनोज तिवारी(MANOJ TIWARI) द्वारा किया गया था । यह मंदिर जहां स्थित है वह मनोज तिवारी का गांव है ।

आइए जानते हैं इस मंदिर में रखी सचिन की मूर्ति की क्या विशेषताएं हैं –

1. मूर्ति की ऊंचाई 5.5 फिट है जो वास्तव में सचिन की ऊंचाई भी है । इस मू्र्ति को बनाने में सफेद संगमरमर का इस्तेमाल किया गया है।

2. इस मूर्ति का वजन 850 किलोग्राम है जिसमें सचिन भारतीय अंतर्राष्ट्रीय टीम की अधिकारिक जैकेट में देखे जा सकते हैं । सचिन के  पोशाक का रंग ब्लू है।

3. इस मूर्ति को राजस्थान के नाथद्वार में 8.5 लाख की लागत में तैयार किया गया था । इस मूर्ति को ईट की बनी 10 फिट के चबूतरे पर  रखा गया है ।

4. इस मंदिर के पास में स्पोट्स एकेडमी द्वारा 17 एकड भूमि अधिग्रहण करके क्रिकट मंदिर ट्रस्ट द्वारा एक शानदार क्रिकेट स्टेडियम    तैयार किया गया है ,जहां बिहार ,झारखण्ड और उत्तर प्रदेश से आने वाले प्रतिभवान छात्रों को नि:शुल्क क्रिकेट की ट्रेनिंग दी जाती है ।