तीन साल बाद सहरसा-सुपौल के बीच दौडी ट्रेन, मंत्री ने दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन मांगी

सुपौल जिले को बड़ी रेल लाइन सेवा से जोड़ने का सपना आखिरकार साकार हो गया। सुपौल से सहरसा के लिए ट्रेन परिचालन शुरू कर दिया गया है। आमान परिवर्तन को लेकर 16 दिसम्बर 2016 से सहरसा-फारबिसगंज रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह बंद था। फिलहाल एक जोड़ी ट्रेन ही सहरसा से सुपौल का फेरा लगाएगी।

सहरसा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नम्बर एक पर रविवार को आयोजित एक समारोह के दौरान सांसद दिलेश्वर कामैत, विधान परिषद के कार्यकारी सभापति मो. हारुण रसीद, विधायक अनिरूद्ध प्रसाद यादव, समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम अशोक महेश्वरी ने हरी झंडी दिखाकर सवारी गाड़ी को रवाना किया। ट्रेन को रवाना का समय वैसे तो दोपहर 12 बजे निर्धारित था। लेकिन कार्यक्रम को लेकर लगभग 20 मिनट की देरी से 12.20 बजे रवाना हुई। सांसद दिलेश्वर कामैत ने कहा कि आज का दिन सुपौलवासियों के लिए ऐतिहासिक है।

ऊर्जा मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव के प्रयास से आज यह जिला रेल सेवा से एक बार फिर जुड़ गया है। उन्होंने डीआरएम से पटना, दिल्ली और कोलकाता के लिए ट्रेन देने की मांग की। कार्यकारी सभापति मो. हारुण रसीद ने भी आज के दिन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि जल्द ही कई नई ट्रेनें सुपौल स्टेशन से चलेगी। उल्लेखनीय है कि सहरसा से सुबह 9.10 बजे चली ट्रेन 10.30 बजे सुपौल पहुंचेगी। वही ट्रेन शाम 5.30 बजे सुपौल से खुलकर शाम सात बजे सहरसा पहुंचेगी। उधर, सुपौल से ट्रेन चलने को लेकर आमलोगों में जबर्दस्त उत्साह दिखा। सुबह से ही लोगों का हुजुम स्टेशन पर उमड़ पड़ा था। कई लोगों ने पहले दिन ही सहरसा तक ट्रेन की यात्रा भी की। मौके पर डीएम महेन्द्र कुमार, एसपी मनोज कुमार, समस्तीपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम वीरेन्द्र कुमार समेत कई अधिकारी और गणमान्य मौजूद थे।