अयोध्या मामले में मध्यस्थता की कोशिश नाकाम, अब 6 अगस्त से होगी रोजाना सुनवाई

NEW DELHI : आज राममंदिर से जुड़े मामले में देश की सर्वोच्च अदालत ने अहम फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि मध्यस्थता से कोई बात नहीं बन सकी है और अब छह अगस्त से रोजाना सुनवाई की जाएगी। लोग पहले से अनुमान लगा रहे थे कि मध्यस्थता से हल नहीं निकल सकता है क्योंकि कई बार इसकी पहल की गयी। अब सर्वोच्च अदालत ने भी इसे स्वीकार करते हुए रोजाना सुनवाई करने का आदेश दे दिया है।

आपको बता दें कि मंदिर वि’वाद पर हिंदू और मुस्लिम पक्षों के बीच आम सहमति बनाने के लिए अयोध्या मध्यस्थता पैनल को 31 जुलाई तक का समय दिया गया था। इसके बाद कल पैनल ने एक सीलबंद लिफाफे में अपनी रिपोर्ट पेश की थी जिस पर आज सुप्रीम कोर्ट ने ये फैसला सुनाया है। आपको बता दें कि रोजाना सुनवाई से मतलब हफ्ते में तीन दिन से है और इस केस की मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को सुनवाई होगी। सोमवार और शुक्रवार को सुनवाई इसलिए नहीं हो सकती क्योंकि उस दिन सिर्फ नए केस सुने जाते हैं।

प्रधान न्यायाधीश के रिटायर होने से पहले आ सकता है फैसला-

सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही कहा था कि यदि आपसी सहमति से कोई हल नहीं निकलता है तो रोजाना सुनवाई होगी। सीलबंद लिफाफे की रिपोर्ट के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने आज आगे की कार्यवाही तय की। 17 नवंबर, 2019 से पहले अयोध्‍या मामले पर फैसला आ सकता है क्योंकि संवैधानिक बेंच के प्रमुख यानि सीजेआई इस दिन रिटायर हो रहे हैं। इसलिए उनके रिटायरमेंट से पहले इसपर फैसला आ सकता है। इस मामले में अब 6 अगस्त से रोजाना सुनवाई होगी। आपको बता दें कि अयोध्या विवाद कई वर्षों से चलता रहा है। लेकिन अब तक इसका कोई हल नहीं निकल पाया है।