बिहार के शहीद निराला की बहन की शादी में शामिल हुए 100 कमांडो, हथेली पर बैठाकर किया विदा

PATNA: वायुसेना के शहीद कमांडो ज्योति प्रकाश निराला की बहन की शादी में उनके गरुड़ कमांडो साथी भी भाई बनकर शामिल हुए। इतना ही नहीं, कमांडो ने उस गांव की परंपरा के अनुसार अपनी हथेलियां जमीन पर रखकर शहीद की बहन शशिकला को घर से विदा किया।

शहीद कमांडो ज्योति प्रकाश निराला
कौन था शहीद कमांडो ज्योति प्रकाश निराला-

निराला बिहार के रोहतास जिले के रहने वाले थे। वे इतने बहादुर थे कि जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा में आंत’कवादियों के खि’लाफ हुए ऑपरेशन में अकेले छह लश्कर आं’तकी को मार गिराया। हालांकि वे इसी दौरान शहीद हो गये। इसके बाद उन्हें मर’णोपरांत 26 जनवरी 2018 को अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था।

आज आर्थिक तंगी से जुझ रहा है उनका परिवार-

वे अपने माता-पिता के एकलौते बेटे थे। इनके शहीद होने के बाद चार बहनों का पालन-पोषण और शादियां उनके परिवार वालों के लिए बोझ बनने लगा। इसी आर्थिक तंगी को देखते हुए, हाल ही में, वायुसेना के गरुड़ कमांडो ने आपस में पैसे जुटाकर उनकी एक बहन की शादी करवायी है। इतना ही नहीं, वायुसेना की एक टीम जिसमें 100 गरुड‌ कमांडो थे, शादी के पूरे आयोजन में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया।

शशिकला ने कहा वायुसेना के सभी भैया मेरी शादी में शामिल हुए-

शशिकला ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जिस दिन मेरी शादी हुई थी, उस दिन वायुसेना के मेरे सभी भैया आए थे। इतना ही नहीं, मेरे भैया मुझे अपने पलकों पर बैठाकर विदा किये हैं। उस दिन मुझे ऐसा लगा कि मैं एक भाई की बहन नहीं थी, जो शहीद हो गया। अब मैं पूरे देश की बहन हूं। मुझे अपने भैया पर बहुत गर्व है। शशिकला का दुल्हा सुजीत का कहना है कि इतने सारे वायुसेना के अधिकारी मेरी पत्नी को अपने हाथों पर बैठाकर विदा किया। इस सम्मान के लिए मैं उन सभी का आभारी हूं। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि ऐसे वीर शहीद की बहन से मेरी शादी होगी। यह मेरी लिए गर्व की बात है।

शहीद की बहन शशिकला और उनके पति सुजीत
निराला के पिता

निराला के पिता तेजनारायण सिंह ने बताया कि यह पल मेरे लिए यादगार बन गया। पूरी शादी में गरुड़ कमांडो ने बेटे की कमी खलने नहीं दी। मैं सबका आभारी हूं। गरुड़ कमांडो की इस टीम के प्रति अपना आभार जताते हुए कहा कि मेरे घर पहुंचे जवान मेरे निराला जैसे ही हैं।