3 अप्रैल को राजद के टिकट पर मधेपुरा से नामांकन दाखिल करेंगे शरद यादव, पप्पू यादव से होगी जंग

PATNA : शरद यादव (Sharad Yadav) 3 अप्रैल को मधेपुरा से राजद उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन दाखिल करेंगे। हालाँकि अभी तक उनकी सीट की औपचारिक घोषणा राजद की तरफ से नहीं की गई है लेकिन मधेपुरा से उनका नामांकन दाखिल करना तय माना जा रहा है। शरद यादव 4 बार मधेपुरा से सांसद रह चुके हैं। चुनाव के बाद शरद यादव की पार्टी का राजद में विलय हो जाएगा। मधेपुरा में उनके सामने जेडीयू के उम्मीदवार दिनेश चन्द्र यादव और जन अधिकार पार्टी के संरक्षक पप्पू यादव से होगा। पप्पू यादव इस सीट से मौजूदा सांसद हैं। 

6 विधानसभा सीटों वाले मधेपुरा में जेडीयू और राजद के बीच चुनावी घमासान होता रहा है। 3 बार लालू यादव भी इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। शरद यादव पहली बार मधेपुरा से 1991 में चुनाव जीते थे उसके बाद 1996 में उन्हें दोबारा जीत मिली। 1998 में लालू यादव जीते तो 1999 में फिर शरद यादव ने इस सीट पर कब्ज़ा किया। 2004 में लालू यादव ने इस सीट पर कब्ज़ा किया। लालू यादव छपरा से भी जीते जिसके बाद उन्होंने मधेपुरा को खाली किया तो उनकी जगह पर पप्पू यादव जीत कर लोकसभा पहुंचे। 2009 में जेडीयू के टिकट पर शरद यादव ने राजद उम्मीदवार रविन्द्र चरण यादव को पटखनी दी तो 2014 में पप्पू यादव ने शरद यादव को हराया।

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जातीय समीकरण : मधेपुरा को यादव लैंड कहते हैं। वहां एक कहावत बहुत मशहूर है ‘रोम पोप का, मधेपुरा गोप का। मधेपुरा में करीब 3,30,000 यादव, 1,80,000 मुस्लिम, 1,70,000 लाख ब्राह्मण, 1,10,000 राजपूत, 10,000 कायस्थ और 5,000 भूमिहार मतदाता हैं। इसके अलावा करीब 1 लाख दलित और 1 लाख मुसहर मतदाता भी है। पप्पू यादव 2014 में राजद के टिकट पर जीते थे लेकिन अब वो अपनी अलग पार्टी बना कर मैदान में हैं तो जेडीयू के टिकट पर हारने वाले शरद यादव पाला बदल राजद के टिकट पर मैदान में हैं। त्रिकोणीय मुकाबले में मधेपुरा की जंग काफी दिलचस्प होगी है।