शत्रुघ्न सिन्हा ने AES के मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधा,कहा कि इतनी मौ’तों के लिए सरकार ज़िम्मेदार

PATNA : पटना साहिब से पूर्व सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि मुजफ्फरपुर में हो रही मौ’तों के लिए केंद्र व राज्य दोनों सरकारें ज़िम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर में जिस तरह से बच्चों की मौ’त हो रही है, यह बहुत शर्मनाक है। बिहारी बाबू ने सवाल पूछा कि आखिर कहां है पीएम की संवेदना ? हालांकि उन्होंने बिहार सरकार और इनके मंत्रियों को भी कठघरे में खड़ा किया है। पूर्व सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि जिस तरह से सरकार के काबिल मंत्री कह रहे हैं कि इस बीमारी का इलाज नही हैं, यह सरकार की संवेदनहीनता को ही दिखाता है।

शत्रुघ्न सिन्हा और नीतीश कुमार

कांग्रेस नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने बिहार में लू से हो रही मौ’तों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस तरह लू से 100 लोगों से ज्यादा मौ’त हुई हैं ,उससे यही लगता है कि अगर यही हालात रहे तो कोई अन्य प्राकृतिक आपदा आने पर ये सरकार क्या कर पाएगी ?

इन्सेफेलाइटिस के मुद्दे पर लगातार दिखी है सरकार की संवेदनहीनता –

AES से हो रहीं लगातार मौतों पर सत्ता पक्ष की ओर से संवेदनहीन प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। मुजफ्फरपुर में मौ’तों के बारे में स्थानीय बीजेपी सांसद अजय निषाद ने कहा कि इस बार ज्यादा मौ’त  का कारण गर्मी है। बीमारी की असली वजह 4G है। उनका मतलब था कि G फॉर गर्मी, गांव, गरीबी और गंदगी। इससे बी’मारी का ताल्लुक है क्योंकि ज्यादातर मरीज गरीब तबके से हैं और उनके रहन-सहन के स्तर निम्न हैं। इसके अतिरिक्त जेडीयू से सांसद दिनेश चंद्र यादव ने भी इन्सेफेलाइटिस से मौ’तों पर बेहद गैर-जिम्मेदाराना बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि कई सालों से जब भी गर्मियां आती हैं, बच्चे बीमार पड़ जाते हैं और मौ’त का आंकड़ा बढ़ जाता है। ऐसा हर बार होता है और इस बार भी जैसे ही बारिश शुरू होगी, यह सब रुक जाएगा।

सरकार की संवेदनहीनता उस समय और सबके सामने आ गयी जब बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने स्वास्थ्य विभाग की बैठक के दौरान क्रिकेट स्कोर पूछा था। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मंगल पांडे को यह कहते सुना जा सकता है कि कितने विकेट आउट हुए हैं ,वहीं पीछे से आवाज आ रही है चार। यह वीडियो 16 जून का है जिस दिन भारत और पकिस्तान का क्रिकेट मैच चल रहा था।