राजद बहने के बजाय ठहर गया, केवल सेक्ल्यूरिज्म से चुनाव नहीं जीत सकते हैं-शिवानंद तिवारी

PATNA: राजद नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि लोकसभा चुनाव में हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल में ठहराव आ गया है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी में बहाव के बजाय ठहराव आ गया है। ऐसी स्थिति में किसी तरह की पहल नहीं हो सकती है। उनका कहना है कि मुजफ्फरपुर के मुद्दे पर सिर्फ फॉमिलिटी पूरा करने से काम नहीं चलेगा।

RJD Leader Shivanand Tiwari
नेतृत्वशीलता का अभाव रहा-

आपको बता दें कि बिहार लोकसभा चुनाव में कुल 40 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में से राजद एक भी सीट नहीं जीत पायी। इसके बाद राजद की कमान संभालने वाले और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाने वाले तेजस्वी यादव राजनीतिक जीवन से गायब हो गये। इससे पार्टी की निष्क्रियता बढ़ी। हालांकि पार्टी के अन्य नेता सक्रिय थे लेकिन नेतृत्वशीलता का अभाव रहा। हालांकि 01 जुलाई को तेजस्वी यादव वापस राजनीतिक जीवन और पटना लौट आये लेकिन अभी पूरी तरह वे राजनीतिक सक्रियता नहीं दिखा पा रहे हैं।

पार्टी लिक से बाहर की बात चलने से छवि खराब होती है-

इतना ही नहीं, पार्टी के अंदर कुछ नेताओं के द्वारा तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर सवाल खड़ा किया जाता है तो कभी उनके बड़े भाई तेजप्रताप भी लालू-राबड़ी मोर्चा के जरिये पार्टी लिक से बाहर की बात करने लगते हैं। इससे पार्टी के बारे में लोगों में छवि बिगड़ जाती है। इसके अलावा महागठबंधन के भी बहुत सारे नेताओं के द्वारा तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर सवाल किया जाता है और कभी-कभी महागठबंधन की पार्टियों के बीच आपसी सामजंस्य भी देखने को नहीं मिलता है। इन्हीं सभी कारणों से राजद में ठहराव का संकेत मिलने लगा है क्योंकि ऐसा लगने लगा है कि पार्टी और इसके नेता हार के कारण थक चुके हैं। इसी पर शिवानंद तिवारी ने कहा कि हमारी पार्टी और नेताओं को आगे की रणनीति के बारे में गंभीरता से सोचना पड़ेगा।