”शहीदों के ग़म में डूबा था देश, लखनवी चाट का आनंद ले रहे थे CM नीतीश कुमार-सुशील मोदी”

PATNA : देश का अवाम शहीदों के ग़म में डूबा था और सुशील मोदी जी अपने मुख्यमंत्री के साथ राजभवन में लखनवी चाट का आनंद ले रहे थे। अब वही सुशील मोदी दूसरों से देशभक्ति पर सवाल पूछ रहे हैं। मसूद अज़हर को लेकर उन्होंने लालू यादव पर सवाल उठाया है। सुशील भूल जा रहे हैं कि मसूद अज़हर वही है जिसको भारतीय पुलिस ने पकड़ कर जेल में बंद कर दिया था। लेकिन इन्हीं की पार्टी की दिल्ली सरकार ने जम्मू की जेल उसे निकालकर उसे बहुत आदर के साथ उसे कंधार पहुँचाया था। उसी मसूद ने जेल से निकलने के बाद हमारे संसद पर घातक हमला करवाया था। यह तो संसद के हमारे सुरक्षा प्रहरियों ने अपनी जान देकर उनको मार गिराया। नहीं तो पता नहीं क्या होता !

दरअसल सुशील ने राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के स्कूल से दीक्षा पाई है। हरिशंकर परसाई कहते हैं कि संघ अपने शिष्यों के दिमाग से बुद्धि और विवेक को निकाल कर उसे नागपुर की तिजोरी में बंद कर देता है। सुशील मोदी और संघी जमात इस आतंकी घटना को हिंदुस्तान-पाकिस्तान के नज़रिए से नहीं बल्कि इसे हिंदू-मुसलमान के रूप में पेश करने की कोशिश रहा है। इनका प्रयास है कि लोग, ख़ासकर हिंदू समाज इसे इसी नज़रिए देखें। ताकि लोकसभा चुनाव में इसका लाभ उनको मिले। इनके लोगों ने कल इस तरह का नारा भी लगाया।

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यह नज़रिया देश का गंभीर अहित पहुँचाने वाला है। देश की सत्रह-अठारह करोड़ की आबादी वाले समूह को शक-सुबहे की नज़र से देखना उन्मादी मानसिकता का परिचायक तो है ही साथ ही साथ यह हमारे संविधान की भावनाओं की विपरीत है। बल्कि इनका सहयोग लेकर ही इनके बीच के इक्का-दुक्का अतिवादी मानसिकता वाले को हम अलग-थलग कर कर सकते हैं। राजद सहित महागठबँधन के साथियों पर यह अहम जवाबदेही है कि ऐसे उन्मादी तत्वों द्वारा समाज में ज़हर फैलाने की कोशिश पर नज़र रखें। समाज के सचेत और जागरूक लोगों को साथ लेकर कटुता फैलाने के इस तरह के प्रयास का प्रतिकार करें।

लेखक- शिवानन्द तिवारी, पूर्व सांसद सह राजद नेता