पटना में शुरू हुआ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर काम, अरबों रुपए का होगा निवेश

PATNA : पटना में मुख्यमंत्री द्वारा शिलान्यास किए गए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का काम शुक्रवार से शुरू हो गया। वीरचंद पटेल पथ स्मार्ट रोड निर्माण करने वाली एजेंसी ने कई जगहों से मिट्टी इकट्ठा की है। अब लैब में इसकी जांच कर रिपोर्ट के अनुसार काम शुरू किया जाएगा। इसके अलावा कई वार्डों में बन रहे जन सुविधा केंन्द्रों के काम में भी तेजी आयी है। स्मार्ट सिटी से जुड़े लोगों ने बताया कि अदालतगंज झील, सोलर रूफ टॉप, स्टेशन एरिया रिडेवलपमेंट, बाकरगंज सड़क सह नाला निर्माण, पटना स्मार्ट सिटी व कमांड कंट्रोल भवन आदि में भी अगले एक-दो दिनों काम शुरू होगा।

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शुरू होने वाले इस काम के पहले साइनेज लगाया जाना है। इसके तहत वीरचंद पटेल पथ में साइनेज शुक्रवार को लगाया गया। पटना स्मार्ट सिटी की पीआरओ ने कहा कि जल्दी ही स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की अन्य जगहों पर साइनेज लगा दिया जाएगा।

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स्मार्ट शहरों में व्यापक विकास के कुछ प्रारूपी विशेषताएं नीचे वर्णित हैं : क्षेत्र आधारित घटनाक्रमों में मिश्रित भू-उपयोग को बढ़ावा देना- ‘अनियोजित क्षेत्रों’ के लिए नियोजन जिसमें भू-उपयोग को अधिक कुशल बनाने के लिए बहुत-सी संगत गतिविधियां और एक-दूसरे के सन्निकट भू-उपयोग निहित हैं। राज्‍य भू-उपयोग में कुछ लोचशीलता ला सकते हैं और ऐसे उप-कानून बना सकते है ताकि परिवर्तन के अनुसार ढल सकें।

हाउसिंग और समावेशिता- हाऊसिंग के अवसरों का सभी के लिए विस्‍तार करना। पैदल चलने योग्य लोकलिटी का निर्माण- भीड़भाड, वायु प्रदूषण और संसाधनों की कमी को कम करना, स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना, अंतक्रिया को बढ़ावा देने और सुरक्षा सुनिश्चित करना। सड़क नेटवर्क को केवल वाहनों एवं सार्वजनिक परिवहन के लिए ही नहीं बल्कि पैदल यात्रियों और साईकिल चालकों के लिए भी बनाया अथवा सुसज्जित किया जाता है और पैदल या साईकिल से तय की जाने वाली दूरियों के लिए आवश्‍यक प्रशासनिक सेवाएं प्रदान की जाती हैं।

नागरिकों के जीवन की गुणवत्‍ता में बढ़ोत्‍तरी करने, शहरी क्षेत्रों में ताप के प्रभावों में कमी लाने और आमतौर पर पारिस्थितिकीय संतुलन को बढ़ावा देने के लिए खुले स्‍थानों – पार्क, खेल के मैदान, मनोरंजन के स्‍थानों का संरक्षण और विकास करना। परिवहन के विभिन्‍न विकल्पों को बढ़ावा देना- ट्रांजिट उन्मुख विकास(टीओडी), सार्वजनिक परिवहन और अंतिम गंतव्‍य स्‍थल पर परिवहन कनेक्टिविटी।
सेवाओं की कीमतों में कमी लाने और नगर निगम के कार्यालयों में जाए बिना सेवाएं प्रदान करने के लिए जवाबदेही और पारदर्शिता लाने के लिए ऑनलाईन सेवाओं पर अधिकाधिक आश्रित शासन को नागरिक-मैत्री और किफायती बनाना, विशेषकर मोबाईल उपयोग को। लोगों को सुनने और सुझाव लेने एवं कार्यस्‍थलों के साईबर दौरे की मदद से कार्यक्रमों व कार्यकलापों की ऑनलाईन निगरानी का उपयोग करने के लिए ई-समूहों का गठन करना।

अपने मुख्य आर्थिक कार्यकलापों जैसे स्थानीय भोजन, स्वास्थ्य, शिक्षा, कला और शिल्प, संस्कृति, खेल के सामान, फर्नीचर, होजरी, कपड़े, डेयरी आदि पर आधारित शहर को पहचान प्रदान करना। अवसंरचना और सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए क्षेत्र आधारित विकास में उनके लिए स्‍मार्ट समाधान का उपयोग करना। उदाहरण के लिए, कुछेक संसाधनों का उपयोग कर और सस्‍ती सेवाएं प्रदान कर क्षेत्रों को आपदा के प्रति कम असुरक्षित बनाना।