पटना को स्मार्ट बनाने के लिए करीब 7 हजार करोड़ रुपए होंगे खर्च, सरकार से अनुदान की आस

Patna: बिहार की राजधानी पटना को स्मार्ट बनाने के लिए नगर निगम ने कवायद शुरु कर दी है। जहां पिछले वर्ष नगर निगम का बजट 824 करोड़ का था, वहीं इस साल करीब 7 हजार करोड़ का बजट बनाया जा रहा है। राजधानी की 100 कॉलोनियों में नया ड्रेनेज, रोड और डक्ट बनाने पर 1249 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

दरसल नगर निगम ने इंदौर, अहमदाबाद, बड़ोदरा, सूरत, भोपाल, जयपुर, रायपुर और नासिक की तर्ज पर राजधानी के विकास की योजना बनाई है। राजधानी की 100 कॉलोनियों में नया ड्रेनेज, रोड और डक्ट बनाने पर 1249 करोड़ रुपए खर्च होंगे। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर 1041 करोड़ रुपए खर्च होंगे। स्मार्ट सिटी की तीसरी किस्त भी आने की संभावना है। अबतक निगम को दो किस्तें मिल चुकी हैं। इसके साथ ही भंवर पोखर में 37.5 करोड़ की लागत से जी प्लस छह साइज के व्यावसायिक भवन का निर्माण होगा। आर्य कुमार रोड में भी 77 करोड़ की लागत से व्यावसायिक भवन के साथ एक मल्टीप्लेक्स का निर्माण होगा। कमला नेहरू नगर के स्लम में रहने वाले लोगों के लिए 188.42 करोड़ की लागत से किफायती आवास का निर्माण किया जाएगा।

पीआरडीए कैंपस में 113.99 करोड़ की लागत से जी प्लस छह साइज की दो बेसमेंट पार्किंग सहित एक मल्टीप्लेक्स, बहादुरपुर क्षेत्र में 39 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक हॉस्टल का निर्माण होगा। यहां बाहर से पढ़ने आने वाले हर वर्ग के किसी भी संस्थान के विद्यार्थियों को रहने की सुविधा मिलेगी। वीरचंद पटेल पथ पर 85.66 लाख की लागत से एक अंतरराष्ट्रीय कैफेटेरिया का निर्माण कराया जाएगा। {पहाड़ी के पास बाहरी बेगमपुर में 828 किफायती फ्लैट निर्माण पर 93.49 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

QUAINT MEDIA

आपको बता दें कि स्मार्ट सिटी लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक 23 फरवरी को दोपहर 2 बजे से होगी। इसके लिए एमडी सह नगर आयुक्त अनुपम कुमार सुमन ने मेयर सीता साहू, चेयरमैन आरएल चोंग्थू, डीएम कुमार रवि, बुडको एमडी अमरेंद्र प्रसाद सिंह, नगर विकास विभाग के अवर सचिव संजय शर्मा सहित सभी सदस्यों को पत्र भेजा है। इसके बाद 25 फरवरी को सिटी एडवाइजरी फोरम की बैठक बुलाई गई है। सचिवालय मल्टीलेवल पार्किंग, एनआईटी एरिया लाइब्रेरी प्रोजेक्ट, एसकेपुरी पब्लिक स्वीपिंग पुल प्रोजेक्ट, बंदर बगीचा कॉमर्शियल प्रोजेक्ट, नागार्जुन गोलंबर कॉमर्शियल प्रोजेक्ट, वेस्ट टू एनर्जी प्रोसेसिंग प्लांट प्रोजेक्ट, प्लास्टिक वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट प्रोजेक्ट, रामाचक बैरिया हाउसिंग प्रोजेक्ट, रामपुर कॉमर्शियल प्रोजेक्ट, राजेंद्रनगर शाखा फिल्ड रेसीडेंशियल प्रोजेक्ट पर स्थायी समिति में चर्चा होना बाकी है।