दुर्गा पूजा में ‘सिंदूर खेला’ के साथ महिलाओं ने की माँ दुर्गा की आरधना

PATNA: बिहार में दुर्गा पूजा का उत्सव उत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। नवरात्रि के अंतिम दिन बंगाली समाज की महिलाओं ने पूजा अर्चना करने के बाद मंगलवार को दशहरा का पर्व मनाया। वहीँ दशहरा के पर्व के बीच माँ दुर्गा की प्रतिमाओं को विसर्जित किया गया। वहीँ बंगाली समाज की महिलाओं ने पटना के पंडालों में सिंदूर खेला की रस्म के साथ माँ दुर्गा की आराधना की।

पटना में मां दुर्गा की भक्ति में डूबीं बंगाली समाज की महिलाओं ने नृत्‍य भी किया। कहा जाता है कि सिंदूर खेला को सिंदूर होली भी कहते हैं। बता दें कि इस बार मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विर्सजन गंगा या अन्‍य नदियों में नहीं किया गया।

प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए राजधानी पटना में दो-तीन जगहों पर बड़े-बड़े गड्ढे बनाए गए हैं। वहीँ अन्य जिलों पूर्णिया, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर शहरों में भी महिलाओं ने सिंदूर खेल कर मां दुर्गा की आराधना की। खास‍कर भागलपुर के आदमपुर स्थित कालीबाड़ी, दुर्गाबाड़ी व सरकारीबाड़ी में भी सिंदूर खेलकर मां को विदाई दी।

बता दें गंगा एवं उसकी सहायक नदियों में मूर्तियों का विसर्जन करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गयी है। नियम का उल्लंघन करने पर 50 हजार रुपये का जुर्मा’ना देना पड़ेगा। जुर्मा’ने की राशि प्रदू’षण नियंत्रण बोर्ड को दी जायेगी। गंगा में विसर्जन करने वाले पूजा समितियों से प्रशासन जु’र्माना वसूलेगा। ट्रिब्यूनल के इस विशेष दिशा-निर्देश से पूजा समिति के सदस्यों को अवगत करा दिया गया। इस मामले को लेकर पटना में भी विभिन्न जगहों पर अधिकारियों की बैठक हुई जिसमें पूजा समिति के सदस्य भी रहे।