बिहार के किसानों के लिए खुशखबरी, नहरों में छोड़े गए पानी से कर सकेंगे सिंचाई

PATNA : पूरा बिहार भीषण गर्मी के चपेट में है । इसी बीच दक्षिण-पश्चिम बिहार के किसानों के लिए राहत भरी खबर है । रोहतास जिले के  इन्द्रपुरी स्थित सोन बैराज से 2500 क्यूसेक पानी नहरों में छोड़ दिया गया है ।जिससे बिहार के 8 जिलों के किसान सिंचाई कर सकेंगे । संभावना है कि दो दिन के भीतर पानी नहरों के अंतिम छोर तक पहुंच जाएगा । यह पानी ऐसे समय में छोड़ा गया है जब किसान बारिश न होने से परेशान हैं । इस पानी को छोड़ने से सभी किसान खरीफ फसल को बोने में इसका फायदा उठा सकेंगे ।

बिहार के बक्सर ,रोहतास और कैमूर जिले के किसान इससे काफी लाभवांवित होंगे । बिहार में स्थित रिहंद डैम से केवल 2000 क्यूसेक पानी ही छोड़ा जा सका है । बाडसागर से फिलहाल 4000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है । रोहतास जिले में स्थित जल संसाधन विभाग के द्वारा बाणसागर में अभियंताओं को भेजने की अनुशंसा की गई है, लेकिन अभी तक विभागीय स्वीकृति नहीं मिलने से अधूरा है।

आपको बता दें कि बिहार के कृषि मंत्री प्रेम शुक्ला ने हाल ही में  सूखे की हालात पर चिंता जाहिर की थी । सोमवार को पटना के फुलवारीशरीफ में आयोजित एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते हुए कृषि मंत्री ने कहा था कि-बिहार में मौसम के जो हालात हैं उससे बिहार में सूखे की स्थिति उत्पन हो गई है जो बिहार के लिए काफी चिंताजनक है ।

बिहार के कृषि मंत्री

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी बिहार सूखे की चपेट में आया था जिसमें बिहार के 25 जिलों के लगभग 280 प्रखण्ड प्रभावित हुए थे । उस वक्त भी बिहार के  कृषि विभाग ने जिन किसानों की खेती सूखे के चपेट में आई थी उन्हें सब्सिडी देकर मदद की थी । बिहार में सूखे की संभावना को देखते हुए कृषि मंत्री ने आपदा प्रबंधन विभाग से साथ बैठक की ।

उन्होंने कहा कि सूखे से निपटने के लिए हमारा विभाग और आपदा विभाग पूरी तरह तैयार है ।कृषि मंत्री ने कहा कि बिहार में भूमिगत जल स्तर नीचे जा रहा है इसलिए हमारी सरकार सभी घरों में नए चापाकल लगाने जा रही है । भूमिगत जल स्तर नीचे न जाए और उसमें वृद्धि हो इसके लिए बिहार सरकार तेजी से काम कर रही है ।