मुजफ्फरपुर बालिका गृह मा’मले में सुप्रीम कोर्ट ने पी’ड़ित लड़कियों को मुआवज़ा देने का दिया आदेश

PATNA : मुजफ्फरपुर बा’लिका गृह मा’मले में आज देश की सर्वोच्च अदालत ने आदेश दिया कि आठ लड़कियों को उनके परिजनों को सौंपा जायेगा और उन्हें मुआ’वज़ा भी दिया जायेगा। सुप्रीम को’र्ट ने अपने आदेश में सभी 44 में से आठ लड़कियों को उनके परिवार वालों को सौंपने का आदेश दिया है। साथ ही बिहार सरकार को सभी पी’डि़त लड़कियों को आर्थिक सहायता देने का भी आदेश दिया।

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आपको बता दें कि बिहार के मुजफ्फरपुर शे’ल्टर होम मा’मले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने TISS रिपोर्ट पर नीतीश सरकार से जवाब मांगा था। इस मामले में टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान की ओर से 20 पी’ड़ित लड़कियों के पुर्न’वास को लेकर अपनी रिपोर्ट दाखिल की गई थी। इससे पहले को’र्ट ने जुलाई में इस मा’मले पर सुनवाई करते हुए कहा था वह TISS बालिका गृह में रह रहीं 44 लड़कियों के पुनर्वास की योजना बनाए। कोर्ट ने आदेश दिया था कि वह 4 हफ़्तों में अपनी रिपोर्ट दिखाए। इतना इतना ही नहीं कोर्ट ने कहा था कि सभी लड़कियों के लिए अलग-अलग पुनर्वा’स की योजना बनाई जाए।

पूरा मामला आपको बता दें कि टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस (टिस) की रिपोर्ट के आधार पर बाल संरक्षण इकाई के तत्कालीन सहायक निदेशक दिवेश कुमार शर्मा ने पिछले साल 31 मई को महिला था’ने में प्राथ’मिकी दर्ज कराई थी। टिस की रिपोर्ट में बालिका गृह में लड़कियों के साथ यौ’न हिं’सा की बात कही गई थी। महिला था’ना पुलिस ने पिछले साल दो जून को ब्रजेश ठाकुर, चंदा देवी, किरण कुमारी, नेहा कुमारी, मंजू देवी, इंदू कुमारी, हेमा मसीह, मीनू देवी को गिर’फ्तार किया था। इन सभी के खि’लाफ पिछले साल 26 जुलाई को विशेष को’र्ट में आ’रोप पत्र दाखिल किया गया था।