उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने टीईटी शिक्षक अभ्यर्थियों की फरियाद पर अमल करने से किया इंकार

PATNA: टीईटी शिक्षक अभ्यर्थियों द्वारा लगातार नीतीश कुमार की सरकार से गुहार लगायी जा रही है कि वे राज्य में खाली शिक्षकों के सभी पदों को जल्द से जल्द भरें। इन अभ्यर्थियों के शिक्षकों की दो लाख रिक्त पदों की बहाली निकालने के अनुरोध पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने अमल करने से इंकार कर दिया और कहा कि वक्त आने पर यह फैसला सरकार करेगी कि बहाली निकालना है या नहीं, लेकिन इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है।

आंदोलनकारी शिक्षक अभ्यर्थियों ने कहा- जेल भरो आंदोलन करेंगे-

आपको बता दें कि 10 जून से टीईटी और सीटीईटी पास शिक्षक अभ्यर्थी लगातार सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि वे शिक्षकों के रिक्त पड़े सीटों की बहाली निकाले ताकि टीईटी और सीटीईटी पास शिक्षक अभ्यर्थियों को बेरोजगार होकर दर-दर की ठोकरे नहीं खाना पड़े। बिहार में प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में लगभग 2 लाख से ज्यादा शिक्षकों की सीट खाली है। इसी सीट को भरने के लिए शिक्षक अभ्यर्थी धरना देने जा रहे थे, लेकिन पु’लिस ने पुरूष अभ्यर्थियों के साथ-साथ महिला अभ्यर्थियों को भी बड़ी बेह’रमी से पीटा। कई घा’यल अभ्यर्थियों को पटना के पीएमसीएच हॉस्पीटल में भर्ती किया गया है।

एक महिला अभ्यर्थी का कहना है कि एक तरफ की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं। वहीं दूसरी तरफ उसी महिला को पुलि’स की ला’ठी खिलवाते हैं। यहां तक की पुरुष पुलि’स ने हमलोगों के अंदरूनी अंगों को भी छूने की कोशिश की है। लाठी चार्ज करने वाली पुलि’स टीम में एक भी महिला पुलिस नहीं थी। हमलोग एमए, बीएड, टीईटी, सीटीईटी पास होकर भी सड़क पर दर-दर की ठोकरे खा रहे हैं और सरकार कान में तेल डाल कर सोयी हुई है। नीतीश कुमार से हमारी मांग है कि वे जल्द से जल्द शिक्षकों की बहाली निकाले। अगर सरकार बहाली नहीं निकालेंगे तो हमलोग जे’ल भरो आंदो’लन शुरू करेंगे।