जीतनराम मांझी चाहे तो NDA में आ सकते हैं, डूबती नाव की सवारी कोई नहीं करता-सुशील कुमार मोदी

PATNA: बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने मीडिया से बात करते हुए कहा है  कि अगर  राजद के रघुवंश प्रसाद सिंह और हिन्दूस्तानी आवाम मोर्चा के नेता जीतनराम मांझी, एनडीए में आना चाहते हैं तो उनका स्वागत है। कोई भी डूबती नाव की सवारी नहीं करता है। 

आपको बता दें कि उनकी यह बात सियासी इफ्तार पार्टी के बाद आया है। 4 मई को पटना में जीतनराम मांझी के आवास पर इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल हुए थे। इतना ही नहीं, नीतीश ने जीतनराम मांझी को गले से भी लगाया था। इसके बाद से यह बात उठने लगी कि नीतीश का मन महागठबंधन की आकर्षित हो रहा है। पार्टी में पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने भी कहा कि अगर नीतीश, हमारे साथ आना चाहते हैं तो इसपर महागठबंधन और जीतनराम मांझी विचार करेंगे।

नीतीश का महागठबंधन की ओर रुझान-
CM Nitish and Jitanram Manjhi

30 मई को राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री सहित 57 मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता का शपथ दिलाये, जिसमें जदयू के एक भी मंत्री शामिल नहीं हुए। आपको बता दें कि भाजपा ने जदयू को एक मंत्री पद देने की पेशकश की थी, लेकिन जदयू का कहना था कि लोजपा छह सीटें जीती है और उसे एक मंत्री पद मिला है तो 16 सीटें जीतने वाले जदयू को कम-से-कम तीन मंत्री पद मिलना चाहिए। भाजपा ने नीतीश के इस प्रस्ताव को नहीं स्वीकारा, जिसके कारण नीतीश ने मोदी- मंत्रिमंडल में अपना सांसद नहीं भेजा।

इसके बाद से नीतीश के चेहरे पर ना’राजगी को देखा जा सकता है। इतना ही नहीं, लोजपा नेता रामविलास पासवान के घर पर आयोजित इफ्तार पार्टी में उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाथ तक नहीं मिलाया। इसके बाद से नीतीश का एनडीए से बढ़ती दूरियों को और भी पैनी नजरों से देखा जाने लगा है। हालांकि अभी कुछ भी स्पष्ट तौर पर नहीं कहा जा सकता है  कि चुनाव से पहले जिनसे गा’लियां सुनते थे और देते थे, उनकी पार्टियों में जाना नीतीश का राजनीतिक चाल है या आपसी भाईचारा।