सीएम नीतीश के नल-जल योजना पर सुशील मोदी बुलाई हाई-लेवल बैठक,कहा-कमीशनखोरों तुम्हारी खैर नहीं

PATNA: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सात निश्चय योजना में से एक मुख्यमंत्री नल-जल योजना की हाई-लेवल समीक्षा बैठक गोपालगंज में चल रही है। इस बैठक का संबोधन उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने किया और कहा किसी भी कमीशनखोरों को छोड़ा नहीं जायेगा। 

सुशील मोदी का बयान-

सुशील मोदी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अगर किसी के खिलाफ त्रुटि या कमीशनखोरी की शिकायत मिलती है तो किसी भी परिस्थिति में उसे छोड़ा नहीं जायेगा। सरकार ने निर्णय लिया है कि नल-जल योजना में एडवांस रुपया नहीं दिया जायेगा बल्कि काम पूरा होने के बाद ही उसका भुगतान किया जायेगा। कुछ दिन पहले यह शिकायत आयी थी कि नल-जल योजना में पीतल की जगह लोहा का उपयोग किया जा रहा है साथ ही कम गुणवत्ता वाला समान देकर जनता को ठगा जा रहा है।

इसके बाद सरकार ने प्रशासन को इसकी जांच करने का आदेश दिया है। जांच टीम पटना से अलग-अलग जगहों पर जाकर छापेमारी कर रही है और असलीयत का पता लगाया जा रहा है और बड़ी संख्या में कमीशनखोरी पर कार्रवाही भी की जा रही हैं। सुशील मोदी ने किसानों के बारे में कहा कि किसान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता में है। अबतक बिहार में एक लाख से ज्यादा किसानों ने खेतों की सिंचाई करने के लिए पंप का कनेक्शन लिया है। उन्हें बहुत कम मूल्य पर बिजली की सुविधा भी दी जायेगी। सरकार सूखे की भी तैयारी कर रही है। किसानों को कृषि इनपुट सब्सिडी की भी सुविधा दी जा रही है।

CRISES OF WATER IN BIHAR

भाजपा के नेता ने ही नल-जल योजना को बताया था भ्रष्टाचारी योजना-

आपको बता दें कि कुछ दिन पहले भाजपा के प्रदेश महासचिव राजेन्द्र सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया था। राजेन्द्र ने कहा था कि नीतीश का नल-जल योजना पूरी तरह फेल हो गयी है। उन्होंने कहा कि यह योजना सिर्फ-व-सिर्फ भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है। हालांकि PHED मंत्री विनोद नारायण झा ने कहा कि मैं मानता हूं कि बिहार के कुछ जिलों में पेयजल का संकट है, लेकिन मुकम्मल व्यवस्था करने में सरकार जुटी हुई है। इसके बाद कई नेताओं ने भाजपा-जदयू की बढ़ती दूरियों को ढ़कने के लिए यह कहना शुरु कर दिया कि राजेन्द्र का बयान पूरी तरह तथ्थहीन है, उन्हें इस योजना के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।