OLA, UBER की बिहार में नहीं चलेगी मनमानी, कानून बनाने की तैयार कर रही बिहार सरकार

Patna: बिहार सरकार ने सभी टैक्सी सर्विस पर एक नियमावली तैयार करने जा रहीं है। जिसके बाद ओला व उबर जैसी प्रसिद्ध टैक्सी एजेंसियों को बिहार सरकार के अंतर्गत काम करना होगा। इस दौरान परिवहन सचिव संजय अग्रवाल ने बताया कि इन प्रावधानों के अंतर्गत जनता को अब एक क्लिक पर अधिकृत एजेंसियों की कार व बाइक की सेवा उपलब्ध होने लगेंगी।

तो वहीं मोबाइल एप के जरिए टैक्सी या कैब की सुविधा देने वाली एजेंसियों के लिए शर्तें तय कर दी गई है। इसमें ऐसी एजेंसियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिसके पास छोटे वाहन अधिक हैं। फोन करने पर तत्काल सेवा मुहैया कराया जाऐगा। इस में महत्वपूर्ण बात यह है कि दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे महानगरों की तर्ज पर पटना में भी कार और बाइक टैक्सी सर्विस शुरू हो जाएगी। सेवा का लाभ उठाने के लिए आपको सबसे पहले प्ले स्टोर में जाकर एप डाउनलोड करना होगा। उसके बाद वहां अपना नाम और नंबर देकर खुद को रजिस्टर्ड कराना होगा।

साथ ही इन सभी टैक्सी सर्विस में स्थानीय ऑपरेटर को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि गड़बड़ी की स्थिति में आसानी उसकी पहचान की जाए। 50 से अधिक टैक्सी वाली एजेंसियों को प्राथमिकता मिलेगी। टैक्सियों में जीपीएस लगाना अनिवार्य होगा। वाहनों का फिटनेस, परमिट, इंश्योरेंस, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस जरूरी होगा। मोबाइल एप पर सुविधा देने वाली एजेंसियों को लाइसेंस मिलेगा।

आपको बता दें कि परिवहन विभाग के राजस्व संग्रह में वर्ष 2016-17 की 1249 करोड़ की तुलना में वर्ष 2017-18 में 1624 करोड़ यानी 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। चालू वित्तीय वर्ष के लिए 2000 करोड़ रुपए संग्रह का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में ओला, उबर और ऐसी ही दूसरी कैब सेवा काम तो कर रही है, मगर उन पर सरकार का अंकुश नहीं है। ऐसे में लोग इन एजेंसियों की मनमानी का शिकार हो रहे हैं। अब परिवहन विभाग अपने नियंत्रण में सेवा उपलब्ध कराने वाली एजेंसियों को कई सुविधाएं प्रदान करेगा। अब एजेंसियों को परिवहन विभाग से लाइसेंस लेना होगा।

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