नीतीश सरकार बहाली निकाले, नहीं तो जे’ल भरो आंदो’लन शुरु करेंगे, पुलि’स ने किया ला’ठीचार्ज

PATNA: बिहार में शिक्षकों की बहाली नहीं होने के कारण टीईटी और सीटीईटी पास अभ्यर्थियों ने पटना में आंदो’लन करना शुरु कर दिया। आपको बता दें कि बिहार में प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में लगभग 2 लाख से ज्यादा शिक्षकों की सीट खाली है। इसी सीट को भरने के लिए शिक्षक अभ्यर्थी धरना देने जा रहे थे, लेकिन पु’लिस ने पुरूष अभ्यर्थियों के साथ-साथ महिला अभ्यर्थियों को भी बड़ी बेह’रमी से पीटा। कई अभ्यर्थियों का हाथ तोड़ दिया गया। इसके बाद कई घा’यल अभ्यर्थियों को पटना के पीएमसीएच हॉस्पीटल में भर्ती किया गया है।

एक महिला अभ्यर्थी ने दावा किया कि पुलिस उनके अंदरूनी अंगों को छूने की कोशिश कर रही थी-

एक महिला अभ्यर्थी का कहना है कि एक तरफ की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं। वहीं दूसरी तरफ उसी महिला को पुलि’स की ला’ठी खिलवाते हैं। यहां तक की पुरुष पुलि’स ने हमलोगो के अंदरूनी अंगों को भी छूने की कोशिश की है, मां-बहन को संबोधित करके गंदी-गंदी गा’ली दी है। लाठी चार्ज करने वाली पुलि’स टीम में एक भी महिला पुलिस नहीं थी। इसको बर्दास्त करते हुए हमलोग सरकार के समक्ष अपनी मांग शांतिपूर्ण तरीकों से रख रहे हैं।

हमलोग एमए, बीएड, टीईटी, सीटीईटी पास होकर भी सड़क पर दर-दर की ठोकरे खा रहे हैं और सरकार कान में तेल डाल कर सोयी हुई है। नीतीश कुमार से हमारी मांग है कि वे जल्द से जल्द शिक्षकों की बहाली निकाले। अगर सरकार बहाली नहीं निकालेंगे तो हमलोग जे’ल भरो आंदो’लन शुरू करेंगे।

आंकड़ों के अनुसार बहुत से सरकारी पद खाली पड़े हैं , लेकिन उसकी बहाली नहीं निकाली जा रही है। इतना ही नहीं, इस समय देश में पिछले 40 सालों में सबसे ज्यादा बेरोजगारी है, लेकिन सरकार कुछ कर नहीं पा रही है या करना नहीं चाहती है। Central Statistical Office ने बेरोजगारी पर अपना एक रिपोर्ट प्रकाशित किया है, जिसके अनुसार 2004-05 में ग्रामीण महिलाओं की बेरोजगारी दर 4.1 प्रतिशत था। वहीं 2017-18 में बेरोजगारी की दर 4.1 से बढ़कर 13.6 प्रतिशत हो गयी है। 2005-06 के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में युवा बेरोजगारी की दर 3.9 प्रतिशत थी, जो 2017-18 में साढ़े तीन गुना से ज्यादा बढ़कर 17.4 प्रतिशत तक पहुंच गयी है।