नियोजित शिक्षकों पर पु’लिस की ला’ठीचार्ज में एक शिक्षिका की मौ’त, आंदो’लनकारियों में रोष

PATNA: 18 जुलाई को नियोजित शिक्षकों पर पु’लिस ने बड़ी बेरहमी से ला’ठीचा’र्ज किया। इसके कारण वैशाली की रहने वाली एक महिला शिक्षक की घर जाते-जाते मौ’त हो गयी। इससे सभी आंदो’लनकारियों में आक्रो’श है। उपेन्द्र कुशवाहा का कहना है कि अगर सरकार हमलोग की बात मान लेती तो आज एक महिला शिक्षक की मौ’त नहीं होती। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षकों पर ला’ठीचार्ज होने के बाद शिक्षा मंत्री बोल रहे हैं जबकि उन्हें पहले ही इन शिक्षकों से बात करनी चाहिए थी।

Teacher protest in Patna

आज ही बिहार विधानसभा के बाहर विपक्षी दलों के नेताओं ने नियोजित शिक्षकों की मांग को जायज ठहराया है। विपक्ष ने नियोजित शिक्षकों की मांग को सदन में उठाया और सदन के बाहर हंगा’मा शुरु करते हुए नारेबाजी की। विपक्ष ने मांग की है कि सरकार जल्द से जल्द इन नियोजित शिक्षकों की मांग पूरा करें। इनपर ला’ठियां चलाने के बजाय इनकी बातों पर अमल करें।

शिक्षक क्यों कर रहे हैं आंदोलन

कुछ दिन पहले ही शिक्षक संगठन के सचिव हरेश पांडे ने 18 जुलाई को राजव्यापी आंदो’लन करने का ऐलान कर दिया था। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा था कि प्रारंभिक और माध्यमिक स्कूलों में कार्यरत नियोजित शिक्षक इस पहल के लिए एकजुट हो चुके हैं। बिहार में समग्र शिक्षा संघर्ष समिति बनायी गयी है। हमलोग बिहार सरकार के महापंचायत के समक्ष आंदोल’न करेंगे। उन्होंने सभी शिक्षकों से अनुरोध किया है कि वे अपने बाल-बच्चों सहित पूरे परिवार के साथ आंदो’लन में भाग ले और अपने हक की ल’ड़ाई लड़े। आज जब अपने हक की ल’ड़ाई ल’ड़ने शिक्षक पहुंचे तो पत्थ’रबाजी हुई जिसका जवाब ला’ठीचा’र्ज के रुप में हुआ।

शिक्षकों की मांग क्या है

समान कार्य समान वेतन की मांग शिक्षक कर रहे हैं।उनका कहना है कि अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 2020 तक हमारी मांगों को पूरा नहीं करते हैं तो इसका दुष्प’रिणाम देखने को मिलेगा। शिक्षक आंदोलनकारी नवनीत शर्मा का कहना है बिहार के शिक्षा मंत्री ढकलोल हैं।