लॉलीपॉप और आश्वासन नहीं, नौकरी चाहिए, चिलचिलाती धूप में भावी शिक्षक बैठे हैं आमरण अनशन पर

PATNA: नीतीश सरकार ने 12 जून को TET-CTET पास शिक्षक अभ्यर्थियों को आश्वासन दी थी कि जल्द ही एक लाख 38 हजार प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती की जायेगी। इसके बावजूद TET-CTET पास शिक्षक अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है क्योंकि इन आंदोलनकारियों का कहना है कि मुझे नौकरी चाहिए आश्वासन नहीं। जबतक लिखित में सूचना नहीं दी जायेगी तबतक हमलोग आंदोलन करते रहेंगे।

आंदोलकारियों का कहना है कि सरकार दो साल के लिए TET प्रमाणपत्र की वैधता बढ़ा दी है, कल चार साल के लिए वैधता बढ़ा देगी। इससे हमें क्या फायदा होगा? जब पूरी उम्र ही बीत जायेगी तो प्रमाणपत्र की वैधता बढ़ाने से क्या फायदा होगा, इसलिए हमें आश्वासन नहीं नौकरी चाहिए।

आंदोलनकारी

कुछ आंदोलनकारियों का कहना है कि नीतीश कुमार की नियत सही नहीं लग रही है। पहले वे जो बोलते थे, उस काम को करते भी थे, लेकिन अब उनका व्यवहार बदल चुका है। अगर सरकार की नियत सही है तो नौकरी की सूचना जारी कर दे। सिर्फ समाचार पत्र में यह छपवा देना कि जल्द ही शिक्षक भर्ती होगी। इसके बाद सरकार सोचेगी कि शिक्षित लोगों को ठग लिये तो यह संभव नहीं है।

आमरण-अनशन पर बैठे हैं  TET-CTET पास शिक्षक अभ्यर्थी-

आपको बता दें कि आंदोलनकारी 10 जून से लगातार पटना में अपनी मांग रखने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। उसमें से लगभग 10 आंदोलनकारी तो आमरण-अनशन पर बैठे हुए हैं। चिलचिलाती धूप और गर्मी में भूख के कारण कुछ आंदोलनकारी बहोश हो गये, उसे हॉस्पीटल में भर्ती करवाया गया है, लेकिन उनलोगों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। इतना ही नहीं, डॉक्टरों को सूचित करने के बावजूद वे आंदोलन स्थल पर नहीं पहुंचे।

एक आंदोलनकारी शिक्षक अभ्यर्थी का कहना है कि हम सरकार के आश्वासन रुपी लॉलीपॉप के झांसे में आने वाले नहीं हैं। हमलोगों को लिखित सूचना चाहिए तभी आंदोलन रुकेगा। सरकार दो सालों से आश्वासन दे रही है, इसलिए हमलोगों को तत्काल लिखित सूचना दे। सरकार कहती है कि वो TET प्रमाणपत्र की वैधता को बढ़ा देंगे, तो क्या हमलोगों की उम्र घटा देंगे ? हमलोगों की उम्र बीतती जा रही है और सरकार वैधता बढ़ाने की बात कर रही है।