तेज प्रताप यादव ने विधानसभा के बाहर किया हंगामा, सीएम नीतीश से मांगा इस्तीफा

TEJ PRATAP

Patna: राजद और वामपंथी विधायकों ने बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के दूसरे दिन सदन के बाहर जमकर हंगामा किया। इस दौरान राजद नेता तेज प्रताप यादव भी बजट सत्र में हिस्सा लेने पहुंचे। उन्होंने सरकार सूबे में अपराध पर नियंत्रण नहीं कर पा रही है। हर रोज हत्या और लूट की वारदात हो रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इसकी जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए।

राजद नेता तेज प्रताप यादव ने कहा कि हर रोज धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश हो रही है। सरकार धर्म को मुद्दा बनाने की पुरजोर कोशिश कर रही है, लेकिन इस बार फासीवादी ताकतें कमजोर पड़ जाएगी। तेजप्रताप ने कहा कि बिहार में अपराध बेलगाम है और सरकार लाचार है। सीएम मुंह मियां मिट्ठु बन रही है और बेशर्मी का ढिंढोरा पीट रही है। तो वहीं वामपंथी विधायकों ने सरकार से रसोइयों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा और 18 हजार रुपए मानदेय देने की मांग की है। सीपीआई का कहना है कि सरकार न्यूनतम मजदूरी कानून का उल्लंघन करना बंद करे। सरकार रसोइयों का हड़ताल जल्द खत्म कराए। वामपंथी विधायकों ने सरकार से सवाल किया कि रसोइयों को 12 महीने की बजाय सिर्फ 10 महीने का मानदेय क्यों दिया जा रहा है।

BIHAR VIDHAN SABHA

आपको बता दें कि आज बिहार सदन में बजट पेश होने से पहले विधानसभा के बाहर विपक्षी दलों ने जमकर हंगामा किया। जिसके बाद सदन के अंदर भी माहौल गर्म होने के आसार हैं। बजट सत्र को लेकर सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्षी दलों का हंगामा शुरू हो चुका है। सत्र शुरू होने से पहले विपक्षी दलों के नेता अपने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर बिहार विधानसभा के बाहर प्रदर्शन करते नजर आए। विपक्षी दलों में वाम दल ने न्यूनतम मजदूरी की मांग को लेकर हंगामा किया। वहीं राजद सदस्य लॉ एंड ऑर्डर को लेकर नारेबाजी की।