तेजप्रताप यादव को धमकी मामले में एक्शन में पटना पुलिस, औरंगाबाद में हुई छापेमारी

PATNA : तेजप्रताप यादव (Tejpratap Yadav) को चार दिनों के भीतर दो बार जान से मारने की धमकी मिलने के बाद पुलिस ने एक्शन में आ गई है। पटना एसएसपी गरिमा मलिक ने मामले से शिथिलता बरतने के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि पहली बार धमकी भरा कॉल  आने के बाद जब पुलिस में मामला दर्ज कराया गया था तभी पुलिस अपने काम पर लग गई थी। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले में छापेमारी करने औरंगाबाद तक जा चुकी है।  

गौरतलब है कि तेजप्रताप को दोबारा जान से मारने की धमकी दी गई है। उन्होंने सचिवालय थाना में शिकायत दर्ज कराई है और मांग की है कि उनकी सुरक्षा बढाई जाए। तेजप्रताप यादव ने कहा कि उनके पीए के नंबर पर धमकी भरा फोन आया। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में उनके लिए चुनाव प्रचार मुश्किल हो जाएगा। तेजप्रताप यादव को Y श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है लेकिन वो इससे संतुष्ट नहीं है।  बीते 2 अप्रैल को भी उन्हें इसी तरह की धमकी मिली थी जिसको लेकर तेजप्रताप यादव ने सचिवालय थाना में शिकायत दर्ज करवाया था। कॉल करने वाले ने खुद को गोह क्षेत्र का छात्र राजद का अध्यक्ष बताया था।  जांच में पुलिस ने धमकी देने वाले की पहचान औरंगाबाद के चंद्रकांत के रूप में की। उसे पकड़ने के लिए छापेमारी भी की लेकिन वो फरार है।

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ये पूछे जाने पर कि कौन धमकी दे रहा है तो तेजप्रताप यादव ने कहा कि उनके दुश्मनों की कमी नहीं है जो चाहते हैं मैं उनके रस्ते से हट जाऊं। उन्होंने कहा कि सरकारी सुरक्षा जो मुझे दी गई है उससे वो संतुष्ट नहीं हैं इसलिए बाउंसर रखा है अपनी हिफाजत के लिए। साथ ही उन्होंने बताया कि उनके बाउंसर के पास कोई हथियार नहीं है। बताते चलें कि इन दिनों लालू परिवार में घमासान मचा हुआ है। नाराज तेजप्रताप ने लालू राबड़ी मोर्चा नाम से अलग मोर्चा बना लिया और 4 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं।