बिहार के वे बौद्ध स्थल जो पूरे विश्व में प्रसिद्ध हैं

PATNA: प्राचीन समय से ही बिहार को भारतीय इतिहास में सत्ता,संस्कृति और शिक्षा का प्रमुख केन्द्र माना जाता रहा है । भारत के इतिहास में उदित होने वाले अधिकत्तर शक्तिशाली राजवंशों की बिहार भूमि रही है । चाहे वह मगध साम्राज्य हो (जिसमे शिशुनाग वंश ,नंद वंश ,मौर्य वंश इत्यादि शामिल हैं )या विदेह राज्य (मिथिला) हो । शिक्षा के क्षेत्र में नालंदा विश्वविद्यालय की ख्याती को और प्रसिद्ध खगोलशास्त्री आर्यभट्ट को सारे विश्व में कौन नहीं जानता होगा ।

यही वह भूमि है जहां गौतम बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त करके सारे विश्व को शांति और अहिंसा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया । आज उसी महान आत्मा और इंसान रूपी भगवान का पर्व बुद्ध पूर्णिमा है। आइए जानते हैं बिहार के वे कौन से स्थान हैं जो बौद्ध धर्म के विरासत को आज भी सहेजे हुए हैं-

1. राजगीर -इस शब्द का अर्थ” राजाओं का निवास ” है । बिहार के नालंदा जिले में स्थित एक प्रमुख बौद्ध स्थली है जो कभी गौतम बुद्भ का साधना स्थल हुुआ करती थी । यहां बुद्ध न केवल ठहरे थे बल्कि कई महत्वपूर्ण उपदेश भी इसी भूमि से दिए थे । यही पर भगवान बुद्ध ने सम्राट बिम्बिसार को बौद्ध धर्म को अपनाने के लिए प्रेरित किया था ।यह जगह प्राचीन समय में मगध महाजनपद की राजधानी हुआ करती थी । यही वह स्थान है जहां सर्वप्रथम बौद्ध संगीति का आयोजन किया गया था ।

                                                                                                                               राजगीर- बौद्ध स्तूप

2.बोध गया -इसी स्थान पर गौतम बुद्ध को पीपल के पेड़ के नीचे ज्ञान की प्राप्ती हुई थी ।जिस पेड़ के नीचे ज्ञान प्राप्ति हुई थी उसे बोधी वृक्ष के नाम से जाना जाता है ।यह स्थान निरंजना नदी के किनारे बसा है । इसी स्थान पर महाबोधी मंदिर है जिसे UNESCO ने विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल किया है ।

                                                                                         बोध गया में गौतम बुद्ध उपदेश देने की मुद्रा में

3. परागबोधी- यह स्थान बोधगया से तीन मील दूर फल्गु नदी के किनारे बसा है । इस जगह के नाम का शाब्दिक अर्थ”ज्ञान प्राप्ति के पहले” है । यह वह स्थान है जहां बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त करने  से पहले मनुष्यों का पीड़ा का कारण जानने और कष्ट से जीवन को मुक्त करने के कारणों का पता लगाने के लिए सन्यास ले लिया था ।

                                                                                                                     परागबोधी

4.बराबर की गुफाएं-यह स्थान गया जिले से 24 किमी की दूरी पर स्थित है । यहां मौर्य काल के दौरान गुफाओं का निर्माण हुआ था जिसमें बड़े बौद्ध चैत्य हैं ।

                                                                                                              बाराबार की गुफाएं

5.हाजीपुरहाजीपुर पटना के पास स्थित है । यह स्थान भगवान बुद्ध के सबसे करीबी शिष्य आनंद के पार्थिव शरीर के लिए जाना जाता है ।बौद्ध धर्म में इस स्थान का बड़ा ही महत्व है क्यों कि इस जगह पर भगवान बुद्ध स्वंय आकर कूला गोपालका सुत्त का प्रवचन दिया था ।

6.जेथियन-यह वह स्थान है जहां राजा बिम्बिसार ने अपनी पत्नी के साथ भगवान बुद्ध से मुलाकात की थी ।

7. नालंदा विश्वविद्यालय-यहां बौद्ध धर्म का बहुत बड़ा मठ है। यहां बौद्ध धर्म की शिक्षा दी जाती थी । यह भारत का प्रथम आवासीय विद्यालय था ।इस जगह के बारे में जानकारी चीनी तीर्थयात्री ह्वेनसांग के साहित्यिक कार्यों से मिलती है ।

 

                                                                                                                             नालंदा

8.वैशाली-बिहार के इस स्थान को विश्व का पहला गणराज्य होने का गौरव प्राप्त है । इसी शहर में भगवान बुद्ध ने अपना अंतिम उपदेश दिया था और अपने महापरिनिर्वाण की घोषणा की थी । दूसरी बौद्ध संगीति सबाकामी के अध्यक्षता में यहीं सम्पन्न हुई थी ।चीनी यात्री फाहियान और ह्वेनसांग के किताबों में इस शहर का उल्लेख मिलता है ।यहां पर स्थित अशोक स्तंभ,बावन पोखर मंदिर मुख्य आकर्षण का केन्द्र हैं ।

                                                                                                                    वैशाली बौद्ध स्तूप

9.विक्रमशीला विश्वविद्यालययह जगह बिहार के भागलपुर जिले में स्थित है । इस स्थान पर राजा धर्मपाल की अध्यक्षता में तांत्रिक बौद्ध धर्म का अध्ययन शुरू हुआ था ।

                                                                                                          विक्रमशीला विश्वविद्यालय

10.चम्पानगर- यह भागलपुर जिले में स्थित स्थान है जहां भगवान बुद्ध ने अपने महत्वपूर्ण प्रवचनों और उपदेशों को दिया था ।

                                                                                                                         चम्पानगर

इसके अतिरिक्त भी बिहार के कई जगह हैं जहां आप बौद्ध धर्म से जुड़ी चीजों को देख-समझ सकते हैं ।