बच्चों की मौ’त के बाद जागी सरकार, कु’पोषण के खिलाफ चलेगा अभियान

PATNA : बच्चों की मौ’त के बाद सरकार अब बच्चों को कु’पोषण से निजात दिलाने के लिए अभियान शुरू करने जा रही है। बिहार में एक्यूट इंसेलाइटिस सिंड्रोम या चमकी बु’खार से 160 से ज्यादा बच्चों की मौ’त हुई थी। इसका मुख्य कारण कु’पोषण और गरीबी माना जा रहा है। मुजफ्फरपुर जिले सहित करीब 20 जिलों में इसका असर हुआ था।

समाज कल्याण विभाग के तहत कार्यरत समेकित बाल विकास सेवा (ICDS)निदेशालय को और मजबूत कर सभी 38 जिलों के सभी 534 प्रखंडों में पोषण अभियान को जरूरतमंदों तक पहुंचाने का निर्णय लिया है। निदेशालय के एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि बिहार में पोषण अभियान को गति देने के लिए प्रखंड समन्वयक तैनात होंगे। इनके साथ ही प्रखंड परियोजना सहायक भी नियुक्त किए जाएंगे।

एप के जरिए की जाएगी केंद्रों की निगरानी-

निदेशालय के निदेशक आलोक कुमार ने बताया कि एप के जरिए केंद्रों की निगरानी की जायेगी। साथ ही बच्चे की वृद्धि की भी समीक्षा समय समय पर की जाएगी। अधिकारी का कहना है कि प्रत्येक केंद्र में एक सेलफोन दिया जाएगा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अपनी रोज की गतिविधियों को रजिस्टर पर भरने के बजाय एप में अपलोड करना होगा।उन्होंने कहा कि निदेशालय की योजना का मुख्य कार्य कुपोषण के विरुद्ध जन जागरूकता का प्रसार करना है तथा छह वर्ष तक के बच्चों में कुपोषण की दर को वर्तमान की 38.4 फीसदी से 2022 तक 25 फीसदी पर लाने की योजना है।