आखिरी चरण में भाजपा के 4 केंद्रीय मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर

PATNA: 17 वीं लोकसभा ( LOK-SABHA) के लिए 19 मई को सात चरणों में मतदान होने हैं। जिसमे से 6 चरणों के मतदान पूर्ण हो चुके है। यह चरण इस लिए और भी खास है क्योंकि इस चरण में बिहार के छह में से चार केंद्रीय मंत्रियों की किस्मत दांव पर है। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद (RAVI SHANKAR  PRASAD), रामकृपाल यादव, (RAM KRIPAL YADAV) आर.के. सिंह(R.K.SINGH) और अश्विनी चौबे (ASHWINI KUMAR CHOUBEY) चुनावी समर में हैं। मोदी सरकार के ये मंत्रीगण अपनी जीत के लिए दिनरात एक किये हुए हैं

बता दें कि बिहार में चुनाव के अंतिम चरण में पटना साहिब, पाटलिपुत्र, जहानाबाद, नालंदा, सासाराम, काराकाट, बक्सर और आरा में चुनाव होगा। इनमें छह सीटें इस समय एनडीए के पास हैं। पटना साहिब, पाटलिपुत्र, जहानाबाद, बक्सर और सासाराम पर फिलहाल भाजपा का कब्जा है तो वहीँ पिछली बार नालंदा पर जदयू को जीत मिली थी। जहानाबाद और काराकाट पर भी पिछले चुनाव में रालोसपा को एनडीए के बैनर तले ही जीत मिली थी। लेकिन जो अब वह महागठबंधन का हिस्सा है।

ELECTION 7TH PHASE

पटना साहिब सीट की बात करें तो इस सीट पर पिछली बार बिहारी बाबू ने जीत दर्ज की थी इस बार इस सीट से बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद को कांटे की टक्कर देने के लिए चुनावी मैदान में उतारा हैं तो रामकृपाल यादव पाटलिपुत्र से ताल ठोक रहे हैं। केंद्रीय उर्जा राज्यमंत्री आर.के. सिंह आरा से और केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे बक्सर से एक बार फिर चुनाव लड़ रहे हैं। रविशंकर प्रसाद को पार्टी ने मौजूदा सांसद बिहारी बाबू शत्रुघ्न सिन्हा की जगह उम्मीदवार बनाया है तो अन्य सभी केन्द्रीय मंत्रियों को फिर से उनकी मौजूदा सीट पर उतारा गया है।

इस चुनाव में उपेन्द्र कुशवाह की पार्टी रालोसपा के एनडीए का साथ छोड़कर महागठबंधन में जाने से तो दूसरी तरफ सीएम  नीतीश कुमार की जदयू के एनडीए में आने से चुनाव का समीकरण बहुत बदल गया है। एक तरफ तो नीतीश कुमार के एनडीए में आने से गठबंधन की  ताकत बढ़ी है तो वहीँ दूसरी तरफ उपेन्द्र कुशवाहा के जाने से एनडीए को झटका भी लगा है ।