बिहार में चल रही अफसरों की मनमानी, ट्रेनों की ड्यूटी छोड़ अफसरों की सेवा में लगे गार्ड

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Patna: रेलवे में कर्मचारियों के कामकाज और ड्यूटी आवंटन में मनमानी का सिलसिला लगातार जारी है। जहां कर्मियों को मूल ड्यूटी से हटाकर अफसरों की निजी ड्यूटी पर लगाया गया है। जिसके कारण इसका असर ट्रेनों के नियमित परिचालन पर पड़ रहा।

दरसल कर्मियों को मूल ड्यूटी से हटाकर कहीं और लगाया गया है। इनमें कई गार्ड भी हैं। ट्रेनों पर तैनाती की जगह उन्हें अफसरों की निजी ड्यूटी पर लगाया गया है। कुछ ऑफिस तो कुछ स्टेशन पर सेवा दे रहे। इनमें लोकल, मालगाड़ी ओर एक्सप्रेस ट्रेनों के गार्ड हैं। इसका असर ट्रेनों के नियमित परिचालन पर पड़ रहा। अधिकारियों के प्रभाव में इन गार्डों को बिना ट्रेन में तैनाती सारी अतिरिक्त सुविधाएं दी जा रहीं। रेलवे पर इसका दोहरा असर पड़ रहा। एक तो उसे मूल कर्मियों की कमी से जूझना पड़ रहा। शेष कर्मियों पर काम का अतिरिक्त दबाव पड़ रहा। रेस्ट और छुट्टी की भी समस्या है।

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दूसरी ओर, अधिकारियों की निजी सेवा में लगे कर्मियों को बिना ड्यूटी अतिरिक्त भुगतान भी करना पड़ रहा। हालांकि, ऑल इंडिया गार्ड काउंसिल के शाखा सचिव ने डीआरएम के सामने मामले को उठाया था, लेकिन तत्काल कोई पहल नहीं की गई। आपको बता दें कि जंक्शन पर सोनपुर और समस्तीपुर मंडल के गार्डों की तैनाती है। इनमें समस्तीपुर के 70 और सोनपुर के 140 गार्ड हैं। समस्तीपुर मंडल के 70 गार्डों में पांच मेल या एक्सप्रेस, 18 सवारी और शेष मालगाड़ी में तैनात होते हैं। वहीं, सोनपुर मंडल में जंक्शन से प्रतिदिन 25 मालगाड़ी, साप्ताहिक और हर रोज (डेली) मिलाकर 30 मेल या एक्सप्रेस और 15 स्थानीय रूटों पर लोकल ट्रेनें चलती हैं। इन गाडिय़ों को चलाने के लिए 140 गार्ड हैं। इनमें से प्रतिदिन 10 गार्डों की तैनाती नहीं होती है। ये गार्ड अधिकारियों के कार्यालय और स्टेशन कार्य में लगे हैं। इससे ट्रेनों का परिचालन बाधित हो रहा।