उपेंद्र कुशवाहा के बयान से ‘तिलमिलाए’ नीतीश कुमार, जदयू ने कहा- जबान ‘संभाल’ कर बोले मंत्रीजी

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PATNA : केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के डीएनए वाले बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। इस बयान से नाराज जनता दल (यूनाइटेड) (जेडीयू) ने उन्हें हद में रहने की चेतावनी दी है।

ताजा अपडेट के अनुसार जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा, कुशवाहा ने बेहद बेतुका और पक्षपातपूर्व बयान दिया है। अब उन्हें ऐसे बेतुके बयान देने की आदत हो गई है। हमारी पार्टी ने कभी भी ऐसा बेतुका बयान नहीं दिया। उन्हें ऐसी बयानबाजी से बचना चाहिए। नीतीश कुमार भी उनकी इस तरह की बढ़ती बयानबाजी से आहत हैं। वहीं विवाद बढ़ता देख कुशवाहा सामने आए और सफाई दी। उन्होंने कहा, मुझे नीच वाले बयान से बहुत दुख पहुंचा था। अगर मैं नीच हूं, तो भी ये आप तय नहीं करेंगे। आपको इस पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।

उपेंद्र कुशवाहा ने दिया CM नीतीश को खुला चैलेंज, कहा-हमें कमजोर समझने की गलती ना करें  : लोकसभा चुनाव में सीट शेयरिंग को लेकर सम्मानजनक समझौता होना चाहिए। पिछले आम चुनाव को पांच साल हो गए। इस अंतराल में हमारी पार्टी की ताकत लगातार बढ़ रही। उक्त बातें राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय राज्यमंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने कहीं। वे रविवार को लंगट सिंह कॉलेज परिसर में आयोजित हल्ला बोल, दरवाजा खोल रैली में लोगों को संबोधित कर रहे थे। कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी को तीन सीटें मिलीं और तीनों पर जीत दर्ज की। उनकी ताकत को गठबंधन के साथी को कम नहीं आंकना चाहिए। सम्मानजनक हिस्सेदारी मिलनी ही चाहिए।

देश के अंदर न्यायपालिका ही एक जगह बची है, जहां पर पीछे के रास्ते से इंट्री चल रही। हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के जज की नियुक्ति के लिए कोलेजियम सिस्टम चल रहा। इसके कारण पूरे देश में तीन सौ ऐसे परिवार हैं, जिनके सदस्य हाईकोर्ट व उच्चतम न्यायालय के जज बन रहे। गरीब का बेटा जज नहीं बनता। तत्काल कोलेजियम सिस्टम खत्म होना चाहिए तथा अखिल भारतीय न्यायिक परिषद का गठन होना चाहिए।एलएस कॉलेज मैदान में रैली को संबोधित करते केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा।

मुजफ्फरपुर जिले में रविवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुशवाहा ने नीतीश से पूछा,‘‘आपको भले ही जरूरत हो या नहीं, लेकिन प्रदेश की जनता आप से यह जानना चाहती है कि आपके ‘डीएनए’ की रिपोर्ट क्या है और वह आयी या नहीं आयी। आयी तो क्या रिपोर्ट है। जरा बताने का काम किजिये।’ कुशवाहा के गत बुधवार को पटना के रवींद्र भवन में सरदार पटेल की जयंती के अवसर पर आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार को ‘बड़ा भाई’ बताते हुए यह दावा किया था कि राजग में आने के बाद उनसे एक बार हुई व्यक्तिगत मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा था कि 15 साल मुख्यमंत्री रहना बहुत होता है, अब मन संतृप्त हो चुका है।

रालोसपा प्रमुख ने आरोप लगाया,‘‘नीतीश कुमार जी मुझे ‘नीच’ कहते हैं। मैं इस मंच से बड़े भाई नीतीश कुमार से पूछना चाहता हूं कि उपेंद्र कुशवाहा इसलिए ‘नीच’ है क्योंकि वह दलित, पिछड़ा और गरीब नौजवानों को उच्चतम न्यायालय में जज बनाना चाहता है’। हम पिछड़ा एवं अति पिछड़े की बातों और उनके हितों को उठाते हैं इसलिए ‘नीच’ हैं। सामाजिक न्याय की बात करते हैं इसलिए उपेंद्र कुशवाहा ‘नीच’ है। गरीब घर के बच्चे कैसे पढ़े, इसके लिए अभियान चलाते है तो क्या उपेंद्र कुशवाहा इसके लिए ‘नीच’ है।’ उन्होंने कहा, ‘‘उपेंद्र कुशवाहा सम्मान के लिए राजनीति करता है। उपेंद्र कुशवाहा जनता के लिए राजनीति करता है।’

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