पर्यटन के क्षेत्र में बिहार बनेगा नंबर 1, दुनिया के कोने-कोने से वैशाली को देखने आएंगे लोग

PATNA : वैशाली में ‘बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय सह बुद्ध शांति स्तूप’ निर्माण कार्य का रिमोट से शिलान्यास करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 315 करोड़ की लागत से बनने वाले ‘बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय सह स्तूप’ का निर्माण कार्य 30 माह में पूरा कर लिया जाएगा। इसकी ऊंचाई 128 फुट होगी।

इससे पहले सर्वप्रथम मुख्यमंत्री ने वैशाली की ऐतिहासिक भूमि को नमन किया। बाद में मंत्रोच्चार के साथ भूमि पूजन किया। उन्होंने कहा 72 एकड़ भूमि पर ‘बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय सह बुद्ध शांति स्तूप’ का निर्माण होगा। यह विश्वस्तर का होगा। इससे वैशाली पर्यटन के क्षेत्र में दुनिया के मानचित्र पर अग्रणी स्थान कायम करेगी। दुनिया के विभिन्न देशों से लाखों की संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक भगवान बुद्ध के अस्थि कलश को नमन करने यहां हर दिन आएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2010 में वैशाली भ्रमण सह प्रवास के दौरान वैशाली वासियों की मांग पर बुद्ध के अस्थिकलश को वैशाली में संग्रहालय बनाकर स्थापित करने की घोषणा की थी। 2014 में संग्रहालय के लिए 72 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया।

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उन्होंने कहा कि खुदाई के दौरान मंडप स्तूप से जिस तरह बुद्ध का अस्थि कलश मिला था। उसी तरह इस नवनिर्मित संग्रहालय में अस्थि कलश रखने के लिए पत्थरों से आकर्षक बुद्ध सम्यक दर्शन स्तूप का निर्माण होगा। जहां अस्थि कलश दो साल बाद स्थापित किया जाएगा। स्तूप पूर्ण रूप से पीपल के पत्ते की आकृति का दिखाई देगा।समारोह को डिप्टी सीएम सुशील मोदी, कला संस्कृति मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि, भवन निर्माण मंत्री महेश्वर हजारी ने भी संबोधित किया

सीएम ने ऐतिहासिक अभिषेक पुष्पकरणी के सूखने पर चिंता जताई। सिचांई विभाग और कला संस्कृति विभाग के अधिकारियों को जीर्णोद्धार करने का निर्देश दिया गया है। गंडक नदी से अभिषेक पुष्पकरणी को जोड़ कर इसमें पाइप के माध्यम से पानी लाया जाएगा, ताकि यहां निरंतर स्वच्छ पानी का प्रवाह होता रहे। इसके चारों कोर पर सोलर पंप लगाए जाएंगे। यहां आने तक की सड़कों को और चौड़ा किया जाएगा।