बीमारी के बाद भी वशिष्ठ बाबू का गणित से नहीं छूटा था प्रेम, आखिर तक लिखते रहे गणित के फॉर्मूले

PATNA: देश का नाम विश्व में रोशन करने वाले बिहार के महान गणितज्ञ डॉ. वशिष्ठ नारायण सिंह का गुरूवार को सुबह निधन हो गया। वशिष्ठ नारायण सिंह बीते कई महीनों से बीमार चल रहे थे। वशिष्ठ नारायण सिंह जी का बीमारी बाद भी गणित से प्रेम नहीं छूटा।

वशिष्ठ नारायण सिंह को लेकर कहा जाता है कि उनको कॉपी और पेन्सिल से बहुत लगाव था। उन्हें किसी बच्चे की तरह हर तीसरे दिन कॉपी-पेन्सिल लाकर देनी पड़ती थी। इतना ही नहीं बीमारी के बाद भी उनका गणित से प्रेम कम नहीं हुआ। बीमारी में भी वशिष्ठ बाबू गणित के फॉर्मूले लिखते रहते थे। वशिष्ठ बाबू का गणित से ये प्रेम ही उनको महान बनाता है।

वशिष्ठ बाबू के निधन पर सूबे के मुखिया नीतीश कुमार ने वशिष्ठ नारायण सिंह के निधन पर श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए कहा कि वशिष्ठ बाबू के नि’धन से बहुत दुख हुआ है। उन्होंने अपने ज्ञान से पूरे बिहार का नाम रोशन किया है। मैं वशिष्ठ नारायण सिंह के जाने से म’र्माहत हूं, मैं उनको श्रद्धांजलि देता हूं।

वहीँ इतने महान व्यक्ति के निधन के बाद पीएमसीएच ने उनको एक एम्बुलेंस भी देने से मना कर दिया। जिसके बाद अस्पताल और साथ ही नीतीश सरकार की भी आलोचना हुई।