वशिष्ठ नारायण सिंह दोबारा बन सकते हैं जदयू के प्रदेश अध्यक्ष, पार्टी कार्यालय में किया नामांकन

PATNA : जदयू के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह दोबारा बिहार में जदयू की कमान संभाल सकते हैं। आज उन्होंने पार्टी कार्यालय जाकर अपना नामांकन दाखिल किया। प्रदेश अध्‍यक्ष का चुनाव शुक्रवार को होना है। किसी दूसरे नेता के नामांकन दाखिल नहीं करने के कारण वशिष्ठ नारायण सिंह का निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है।

आपको बता दें कि वशिष्ठ नारायण सिंह इससे पहले दो बार जदयू के बिहार अध्यक्ष रह चुके हैं। वशिष्ठ को नीतीश कुमार का बेहद करीबी माना जाता है। अगले साल बिहार में विधानसभा चुनाव भी होने वाले हैं। इसलिए नीतीश कुमार ऐसे व्यक्ति को जदयू की कमान सौपना चाहते हैं जो राजनीतिक रूप से अनुभवी भी हो और नीतीश कुमार के लिए राजनीतिक रूप से मददगार साबित हो सके। इन सब कसौटियों पर वस्घ्जिष्ठ नारायण सिंह खरे उतरते हैं। विदित हो कि वशिष्‍ठ नारायण सिंह 30 नवंबर, 2010 से लगातार प्रदेश अध्‍यक्ष हैं।

नामांकन दाखिल करने के बाद वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि उनकी कोशिश होगी कि पार्टी को वर्तमान स्थिति से मजबूत करें। नीतीश कुमार के नेतृत्व में आस्‍था जताते हुए उन्‍होंने कहा कि उनके नेतृत्‍व में बिहार में परिवर्तन हुआ है, लेकिन अभी बहुत काम करना है। हमें नया बिहार बनाना है और इसके लिए सभी को दिन रात मेहनत करनी पड़ेगी।वशिष्ठ नारायण सिंह के प्रस्तावकों में जदयू के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) आरसीपी सिंह, ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, उद्योग मंत्री श्याम रजक, विज्ञान प्रावैधिकी मंत्री जय कुमार सिंह, विधि मंत्री नरेंद्र नारायण यादव, सांसद चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी और जदयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह समेत कई लोग शामिल हैं। आपको बता दें कि विजय कुमार चौधरी के राज्य मंत्रिमंडल में शामिल हो जाने की वजह से वशिष्ठ को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।