बिहार से जल संकट को लेकर गंभीर खबर: 19 जिलों के 102 प्रखंडों में हालत चिंताजनक, वाटर लेवल गिरा

PATNA : बिहार में जल संकट की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। प्रदेश के करीब आधे से भी ज्यादा भाग में वाटर लेवल को लेकर जो खबर सामने आई है वह काफी चिंताजनक है। पिछले एक सप्ताह में वाटर लेवल स्तर करीब 5 से 7 सेंटीमीटर नीचे चला गया है। वाटर लेवल को लेकर जो रिपोर्ट सामने आई है उसके मुताबिक़ राज्य के 19 जिलों के 102 प्रखंडों में ग्राउंड वाटर लेवल की स्थिति गंभीर है। इन 19 जिलों से सबसे ज्यादा गंभीर स्थिति जहानाबाद जिले की है। इन सभी ब्लॉकों को क्रिटिकल और सेमी क्रिटिकल जोन में शामिल किया गया है।

जल संकट को देखते हुए जहानाबाद जिले को क्रिटिकल जोन में शामिल किया गया है। इस जिले में बाेरिंग करने पर रोक लगा दी गई है। वहीं, राज्य में अब तक ग्राउंड वाटर लेवल मैनेजमेंट की कोई पॉलिसी नहीं रहने की वजह से जल संरक्षण और ग्राउंड वाटर रिचार्ज पर काम नहीं हो रहा है। ठंड के मौसम में इस तरह के हालात बन गए हैं अगर यही हालत रहे तो गर्मी के मौसम में जल संकट की गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।

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मिली जानकारी के मुताबिक हाल के वर्षों में बारिश की कमी के कारण सिंचाई के लिए ग्राउंड वाटर पर निर्भरता ज्यादा बढ़ गयी है। वहीं, पेयजल का पानी भी ग्राउंड वाटर से ही निकाला जा रहा है। जिसके चलते पूरे प्रदेश का ग्राउंड वाटर लेवल बहुत तेजी के साथ नीचे जा रहा है। करीब 15 साल पहले बिहार में 1200 से 1500 मिमी बारिश होती थी। जिसके चलते सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो जाता था। साथ ही बारिश का पानी जमीन के अंदर जाकर ग्राउंड वाटर लेवल को बढ़ा देता था। लेकिन अब स्थिति ऐसी नहीं रही है।

क्रिटिकल और सेमी क्रिटिकल जोन में जिन जिलों को सम्मिलित किया गया है उसको लेकर केंद्रीय ग्राउंड वाटर बोर्ड ने अभी इसकी घोषणा नहीं की है। लेकिन मिली जानकारी के मुताबिक़ इन जिलों में गया, नवादा, अरवल, वैशाली, जहानाबाद, जमुई, समस्तीपुर, कटिहार, पूर्णिया, बेगूसराय, खगड़िया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, भोजपुर, शेखपुरा सारण, गोपालगंज, और मुंगेर शामिल हैं।