बेटियां है तो सब कुछ है, कोई है पायलट तो कोई है ट्रेन चालक, सबने माना लोहा

KATIHAR : अब महिलाएं अबला नहीं हैं। चाहे खेल का मैदान हो या पटरी पर ट्रेन दौड़ाना हो। वे हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। वहीं सामाजिक कार्यों वे देश की सरहद पर भी महिलाएं अपनी सेवा दे रही हैं। वहीं प्रतियोगी परीक्षाओं में भी लड़कियां लड़कों से आगे निकल रही हैं। यह सब उनके हौसलों की उड़ान से ही संभव हो पा रहा है। देश के साथ ही कटिहार जिले में भी महिलाओं ने कई क्षेत्रों में अपना परचम लहराया है। विदित हो कि हर साल आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। जिसमें महिलाओं को उनके किए गए कार्याें के लिए सम्मानित किया जाता है। जिले में अलग- अलग क्षेत्रों में कार्य करने वाली महिलाओं ने भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। कुछ ने तो विकट परिस्थिति में खेती- किसानी का सहारा लेकर रिकॉर्ड कायम किया है। तो वहीं किसी के जिम्मे समाज में सिलाई- कढ़ाई से लेकर गरीब बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ते हुए शिक्षित करने की योजना है।

भूमिका बिहार की निदेशक शिल्पी सिंह बिहार से अकेली एक ऐसी महिला हैं जिनका फिल्मस्टार आमिर खान ने सिक्रेट सुपरस्टार के रूप में चयन किया है। मानव तस्करी रोकने एवं बालक अधिकार को लेकर किए जा रहे कार्याें को देखते हुए शिल्पी ने संघर्ष के बाद नई पहचान बनाई। बेटी बचाओ अभियान से जुड़कर शिल्पी की संस्था भूमिका बिहार भारत एवं नेपाल सीमा पर एसएसबी के साथ मानव तस्करी के विरूद्ध जागरूकता अभियान चला रही है।

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लोको पायलट अंजलि तिवारी रेल मंडल के बेहतर लोको पायलट में बेहतर काम काज के लिए गिनी जाती हैं। घर के चूल्हा- चौका में ही नहीं बल्कि हजारों लोगों को लेकर चलने वाली ट्रेन में पायलट के रूप में अंजलि महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनी हैं। अंजलि के अलावा प्रियंका एवं सोनी वर्मा भी लगातार इस काम में उनकी मदद करती हैं। कटिहार से मनिहारी, मालदा, जोगबनी, सिलीगुड़ी आदि रूटों पर सवारी ट्रेन के पायलट के रूप में अंजलि का जोश एवं जज्बा देखते ही बनता है। अंजलि लखनऊ की रहने वाली हैं।

मनिहारी प्रखंड के नीमा गांव की मिमी मरांडी अकेली महिला हैं जो खेती- किसानी का गुर सिखाकर लोगों को जागरूक कर रही हैं। मशरूम उत्पादन में मिमी ने कई किसानों को प्रशिक्षण भी दिया। उन्हें भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा उत्कृष्ट कार्य और अत्याधुनिक तकनीकी से खेती करने के क्षेत्र में सम्मानित किया जा चुका है। नीमा गांव की महिलाओं ने मशरूम की खेती के जरिए सीमांचल के जिलों में भी अपनी पहचान बनाई है।

कोढ़ा विधायक एवं दलित समाज से आने वाली पूनम पासवान जिले में इकलौती महिला विधायक हैं जो आधी आबादी का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। एमए तक की पढ़ाई कर चुकीं पूनम ने सामाजिक क्षेत्र में महिलाओं की आवाज उठाने में बड़ी भूमिका निभाई है। विधायक बनने से पूर्व सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को स्वावलंबी एवं शिक्षित करने की दिशा में पूनम पासवान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार मिल चुके हैं।

जननी सर्व शिक्षा केंद्र एवं शिल्प कला केंद्र के माध्यम से महिलाओं को शिक्षित एवं सिलाई- कढ़ाई का प्रशिक्षण दे रही नूतन कुमारी पिछले पांच साल से कई महिलाओं को आत्मनिर्भर बना चुकी हैं। शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में बिना किसी सरकारी फंडिंग के निजी स्तर पर शिविर लगाकर महिलाओं को बीच बीच में शिक्षित भी करती हैं। बतौर नूतन ने कहा कि सामाजिक एवं सामुदायिक एकता से ही महिलाओं को समाज में उनका हक मिलेगा। इस तरह के कार्यों से उन्हें आत्मिक संतुष्टि मिलती है।